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Prashant Kumar

CEO – Bharat Express Digital
Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief

Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products.

At Bharat Express, he leads transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.

भारत एक्सप्रेस


PM Modi Pays Tribute: बंगाली सिनेमा के 'महानायक' उत्तम कुमार की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके अभिनय का जादू आज भी हर पीढ़ी के दर्शकों को जोड़ता है.

पीएम मोदी की 7 अपील और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए नागरिकों की आदतों में बदलाव से जुड़े 7 कदमों का विश्लेषण. जानिए ईंधन, सोना, विदेशी यात्रा और खाद्य तेल की खपत घटाकर विदेशी मुद्रा कैसे बचाई जा सकती है?

शेरू क्लासिक पूर्व बॉडीबिल्डर शेरू आंगरीश द्वारा स्थापित एक अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग और फिटनेस प्लेटफॉर्म है. यह IFBB प्रो लीग और NPC वर्ल्डवाइड से जुड़ा हुआ है. शेरू क्लासिक 2026 का आयोजन 12-14 जून को भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ, जहां दीपक नंदा ने मेन्स क्लासिक फिजिक और मनोज पाटिल ने मेन्स फिजिक का खिताब जीता. अगला 'एमेच्योर ओलंपिया इंडिया 2026' 18 से 20 दिसंबर को मुंबई में आयोजित होगा.

सारनाथ के गौरवशाली इतिहास, सम्राट अशोक के सिंह चतुर्मुख स्तंभ और भारत के राष्ट्र चिह्न की जब भी बात होती है, तो ब्रिटिश पुरातत्वविदों के नाम प्रमुखता से सामने आते रहे हैं. लेकिन 200 से अधिक वर्षों तक गुमनाम रहे उस भारतीय - बाबू जगत सिंह - का नाम आखिरकार आधिकारिक इतिहास का हिस्सा बन गया है, जिन्होंने 18वीं सदी में पहली बार सारनाथ के पुरातात्विक महत्व को उजागर किया था. जानिए कैसे उनके वंशज प्रदीप नारायण सिंह के वर्षों के शोध और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के ऐतिहासिक फैसले ने इतिहास के इस सबसे बड़े अन्याय को सुधारा और भारत के नाम एक गौरवशाली पन्ना जोड़ा.

17 अगस्त 2026 को नितिन नवीन की नई टीम में बीएल संतोष को दोबारा बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बनाया गया. जानिए क्यों यह फैसला किसी भी मंत्रालय से बड़ा है और क्या हैं इसके मायने?