विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
बंगाल के अकाल के बीच कैसी थी दुर्गा पूजा? कहीं भोग की थाली सजी, तो कहीं एक मुट्ठी चावल के लिए तरसे लोग
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान गंवाई, लेकिन इसी दौरान दुर्गा पूजा की परंपरा भी जारी रही. कहीं पूजा की थालियों में तरह-तरह के पकवान सज रहे थे, तो कहीं लोग एक कटोरी खिचड़ी के लिए तरस रहे थे. ऐसे मुश्किल दौर में भोग सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भूख, सामाजिक असमानता और इंसानियत की कहानी भी बन गया.
100 साल की उम्र में भी कोर्ट में डटे हैं पी. बी. मेनन, वकालत के जुनून ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
केरल के पलक्कड़ में रहने वाले पी. बी. मेनन (पूर्ण नाम: पी. बालासुब्रमण्यन मेनन) का जीवन वकालत के प्रति समर्पण और लगन की एक अनोखी मिसाल है. 15 अक्टूबर 1926 को जन्मे मेनन आज 100 वर्ष के हो चुके हैं (या कल हो रहे हैं), फिर भी वे सिविल मामलों की पैरवी करते हुए अदालत में सक्रिय हैं.
1961 से 2011 तक कितना बदला भारत का जनसांख्यिकीय ढांचा? हरेन्द्र प्रताप की किताब में हुआ बड़ा खुलासा
Indian Census Analysis: हरेन्द्र प्रताप की पुस्तक 1961 से 2011 तक की जनगणना के आधार पर भारत की बदलती धार्मिक जनसांख्यिकी, अवैध प्रवासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर सवालों पर एक दूरदर्शी विमर्श प्रस्तुत करती है.
जेआरडी टाटा का वो सपना, जिसने भारत को दी पहली एयरलाइन; जानिए एयर इंडिया की दिलचस्प कहानी
जेआरडी टाटा को 1929 में भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था. इसके बाद उन्होंने 1932 में टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की, जिसने कराची से मुंबई तक डाक पहुंचाकर अपनी पहली उड़ान भरी.
जयप्रकाश नारायण के विचारों को नए नजरिए से सामने लाती प्रशांत आनंद की किताब, जानिए क्यों है खास
लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति के ऐसे जननेता थे, जिन्होंने अपने विचारों और संघर्षों से देश की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया. उनके लिए आजादी का मतलब केवल अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति पाना नहीं था, बल्कि हर नागरिक को सम्मान, न्याय और अपने अधिकारों के साथ जीने का अवसर देना भी था.
नेफा का काला अध्याय: अक्टूबर 1962 की तबाही
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से लेकर बॉमडिला तक की लड़ाई, नेहरू सरकार के फैसले, सैन्य रणनीति की चुनौतियां और चीन के हमलों की पूरी कहानी जानिए इस विशेष विश्लेषण में.
महाराजा अग्रसेन कॉलेज में मनोज तिवारी का युवाओं को संदेश, बोले- जीवन मूल्यों और कौशल के साथ तय करें सफलता की राह
दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में छात्रसंघ शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सांसद मनोज तिवारी ने युवाओं को जीवन मूल्यों, कौशल और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया.
जाति, छुआछूत और असमानता पर कड़ा प्रहार; जानिए क्यों 14 अक्टूबर 1956 का दिन सबसे खास है?
14 अक्टूबर 1956 को नागपुर की दीक्षाभूमि में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाकर जातिगत भेदभाव के खिलाफ एक ऐतिहासिक संदेश दिया. जानिए इस ऐतिहासिक घटना के पीछे की वजह, नागपुर को चुनने का कारण और आज भी लाखों लोगों के लिए इसकी अहमियत.
AI प्लेटफॉर्म TwinCafe पर जुड़े साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे, यूज़र्स को मिलेगा खुद का ‘डिजिटल ट्विन’
भारत में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बीच AI प्लेटफॉर्म TwinCafe ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और लेखक अमित दुबे को मेंटर और साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर नियुक्त किया है.
V-A थ्योरी से लेकर टैचीऑन्स तक: जानिए क्यों नोबेल न मिलने के बावजूद अमर हैं वैज्ञानिक ECG सुदर्शन
9 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित होने के बावजूद नजरअंदाज किए गए महान भारतीय भौतिक विज्ञानी ई.सी.जी. सुदर्शन के क्रांतिकारी सिद्धांतों, V-A थ्योरी और टैचीऑन्स पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट.







