बिजनेस

अडानी का बड़ा ग्लोबल मास्टरस्ट्रोक: अंबुजा सीमेंट्स और Leilac मिलकर गुजरात में बनाएंगे दुनिया का सबसे बड़ा ‘लो-कार्बन’ प्लांट

Adani Mega Project: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के किंग और अडानी ग्रुप के पोर्टफोलियो की प्रमुख सीमेंट कंपनी ‘अंबुजा सीमेंट्स’ ने वैश्विक व्यापार मंच पर एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसने दुनिया भर के दिग्गजों को चौंका दिया है. सोमवार (22 जून 2026) को अंबुजा सीमेंट्स ने कार्बन कैप्चर और इलेक्ट्रिफिकेशन सॉल्यूशंस क्षेत्र की दुनिया की सबसे बड़ी ब्रिटिश कंपनी ‘लीलैक लिमिटेड’ (Leilac Limited) के साथ एक बेहद रणनीतिक और कूटनीतिक महा-समझौते का ऐलान किया है. इस साझेदारी के तहत गुजरात के कच्छ (संघीपुरम) में दुनिया का सबसे बड़ा कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला (Low-Carbon) सीमेंट उत्पादन प्लांट स्थापित होने जा रहा है, जो ग्लोबल सीमेंट इंडस्ट्री की पूरी सूरत बदल कर रख देगा.

करन अडानी का ‘जीरो कोल’ महा-प्लान

पारंपरिक रूप से सीमेंट फैक्ट्रियों को दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाला माना जाता है, लेकिन अंबुजा सीमेंट्स अब इस दाग को पूरी तरह धोने जा रही है. लीलैक की अत्याधुनिक ‘हाइब्रिड इलेक्ट्रिक हीटिंग तकनीक’ से कच्छ के इस प्लांट में तहलका मचने वाला है:

कोयले की खपत होगी शून्य: इस प्लांट में सीमेंट बनाने की प्रक्रिया को इस तरह बदला जाएगा कि कोयले का इस्तेमाल पूरी तरह बंद (Zero Coal) हो जाएगा.

कचरे से बनेगा ईंधन: फैक्ट्री में खतरनाक कोयले की जगह वैकल्पिक और कचरे से बने ईंधनों (Alternate Fuels) का इस्तेमाल बेहद आसानी से किया जा सकेगा.

CO2 पर सीधा कब्जा: उत्पादन के दौरान निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस को बिना किसी जटिल केमिकल प्रोसेस के सीधे हवा से अलग (Capture) कर लिया जाएगा, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे.

दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल शो-केस

यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ स्थित अंबुजा सीमेंट्स के 6.6 MTPA क्षमता वाले प्रसिद्ध संघी प्लांट में लगाया जाएगा. शुरुआती सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को 7 से 8 गुना तक और बड़ा किया जाएगा. विस्तार होने के बाद यह महा-संयंत्र सालाना 10 लाख टन (1 मिलियन टन) से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को सोखने में सक्षम हो जाएगा, जो ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत होगी.

ये भी पढ़ें: 300 बिलियन डॉलर कौन देगा? अमेरिका-ईरान डील के छठे पॉइंट पर फंसा पेंच

1 गीगावॉट ग्रीन पावर का चक्रव्यूह

अंबुजा सीमेंट्स के निदेशक करन अडानी और लीलैक के सीईओ डैनियल रेनी ने इस डील को भविष्य की सबसे किफायती और अनुकरणीय जरूरत बताया है. वर्तमान में दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी बिल्डिंग मैटेरियल्स कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने साल 2050 तक पूरी तरह ‘नेट जीरो’ होने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए कंपनी 1 गीगावॉट (GW) क्षमता के अपने खुद के सौर और पवन ऊर्जा प्लांट लगा रही है. उद्योग जगत में पहले से ही 12 गुना वॉटर पॉजिटिविटी और 7 गुना प्लास्टिक नेगेटिविटी हासिल कर चुकी अंबुजा सीमेंट्स इस नए प्लांट के जरिए अब दुनिया की नंबर-1 ग्रीन सीमेंट कंपनी बनने की राह पर अग्रसर है.

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

जब चंद्रशेखर संग हेलिकॉप्टर से लगाया गांव का चक्कर, जानिए जेपी के सिताब दियारा से आखिरी सफर की कहानी

Jayaprakash Narayan Death Anniversary: संपूर्ण क्रांति के नायक जेपी की आज पुण्यतिथि है. 1978 में…

6 minutes ago

करोड़ों के इलाज से दम तोड़ रहीं सांसें! SMA मरीजों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने की परमानेंट फंड की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों…

11 minutes ago

सिर्फ चेतावनी नहीं, अब एक्शन चाहिए; दक्षिण एशिया में जानलेवा बनती गर्मी से निपटने के लिए भारत समेत 4 देश आए साथ

दक्षिण एशिया में बढ़ती गर्मी के बीच भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान ने हीटवेव और…

16 minutes ago

‘कानून अपने हाथ में ले रही है सरकार…’, डीजीपी नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, झारखंड सरकार और डीजीपी को नोटिस

झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति और राज्य सरकार द्वारा डीजीपी नियुक्ति के नियमों…

24 minutes ago

अमृतसर पहुंचे सचिन पायलट; हरमंदिर साहिब में टेका माथा, बोले- ‘पंजाब की कानून-व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल’

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने अमृतसर स्थित श्री…

30 minutes ago

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए नो-वोटिंग: BJP की किस पांसे से बैकफुट पर गए अखिलेश यादव?

UP Rajya Sabha Election Update: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर अब वोटिंग नहीं…

30 minutes ago