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Adani Power को बांग्‍लादेश का सबसे बड़ा एकमुश्त भुगतान: 437 मिलियन डॉलर पेमेंट कर बकाया चुकाया, ऊर्जा साझेदारी को मजबूती मिली

बांग्लादेश ने अडानी पावर को 437 मिलियन डॉलर का भुगतान कर बकाया चुकाया है. इस भुगतान के बाद और PPA विवाद सुलझने से अब बांग्लादेश को ऊर्जा आपूर्ति बहाल होगी. साथ ही, क्रेडिट रेटिंग में सुधार की उम्मीद है.

Adani Power
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश ने जून 2025 में अडानी पावर को 437 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एकमुश्त भुगतान कर बकाया राशि का निपटारा किया है. बताया जा रहा है कि उस राशि में कैरिंग कॉस्ट भी शामिल है.

सूत्रों के अनुसार, यह भुगतान बांग्लादेश द्वारा अडानी पावर के साथ 2017 में हुए बिजली खरीद समझौते (PPA) से संबंधित सभी वित्तीय विवादों को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस भुगतान के साथ, बांग्लादेश ने नियमित भुगतान की प्रक्रिया को भी मजबूत किया है, जिससे अडानी पावर की 1600 मेगावाट की गोड्डा इकाई से बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहेगी.

हर माह 90-100 मिलियन डॉलर का भुगतान

पिछले तीन-चार महीनों में बांग्लादेश ने प्रति माह 90-100 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, और जून में 437 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम भुगतान कर सभी बकाया राशि को चुकता कर दिया. इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश ने दो महीने के बिलिंग के बराबर एक लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) और सभी बकाया राशियों के लिए सॉवरेन गारंटी प्रदान की है, जिससे अडानी पावर की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है.

सूत्रों के मुताबिक, इन उपायों ने कंपनी को आर्थिक रूप से सुरक्षित स्थिति में ला दिया है, जिससे ऋणदाताओं का भरोसा भी बढ़ा है.

अब बिजली आपूर्ति में आएगी स्थिरता

भुगतान संबंधी मुद्दों के समाधान के बाद, बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) ने अडानी पावर से दोनों इकाइयों से बिजली आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया है. झारखंड के गोड्डा जिले में स्थित अदानी की 1600 मेगावाट की बिजली इकाई बांग्लादेश की 10 प्रतिशत बिजली मांग को पूरा करती है. BPDB के मेरिट ऑर्डर डिस्पैच डेटा के अनुसार, अडानी पावर बांग्लादेश को सबसे किफायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराती है, जो देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है.

PPA जांच से जुड़े विवादों का समाधान

बांग्लादेश में हाल के महीनों में अडानी पावर के साथ हुए बिजली खरीद समझौते की जांच को लेकर कुछ सवाल उठाए गए थे. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन जांचों में कोई प्रतिकूल तथ्य सामने नहीं आए, जिसके बाद सभी विवादों का समाधान हो गया. इस विकास ने अडानी पावर के साथ बांग्लादेश की साझेदारी को और मजबूती प्रदान की है.

वित्तीय और परिचालन एकीकरण

अडानी पावर की गोड्डा इकाई को पहले एक अलग सहायक कंपनी के तहत संचालित किया जाता था, जिसे अब मूल कंपनी के साथ विलय कर लिया गया है. इस विलय से परिचालन और वित्तीय तालमेल में सुधार हुआ है. इसके परिणामस्वरूप, ऋणदाताओं का विश्वास बढ़ा है और वे अडानी पावर की क्रेडिट रेटिंग को मौजूदा AA से AA+ में अपग्रेड करने पर विचार कर रहे हैं. इससे कंपनी की फंडिंग लागत में कमी आएगी.

बांग्लादेश की आर्थिक चुनौतियां

बांग्लादेश ने हाल के वर्षों में कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया है. 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद आयात लागत में वृद्धि और 2024 में राजनीतिक अस्थिरता, जिसमें शेख हसीना सरकार का तख्तापलट शामिल है, ने देश की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया. इसके बावजूद, बांग्लादेश ने जुलाई 2024 से नियमित भुगतान शुरू किए और मार्च 2025 में पूरी बिजली आपूर्ति बहाल की. वर्तमान अंतरिम सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से अतिरिक्त 3 बिलियन डॉलर के ऋण की मांग की है, जो पहले से मौजूद 4.7 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज के अतिरिक्त है.

अडानी पावर और बांग्लादेश के बीच 2017 का समझौता 25 वर्षों के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है. यह समझौता अब पूरी तरह से स्थिर हो चुका है, और गोड्डा इकाई बांग्लादेश के बिजली तंत्र में अच्छी तरह से एकीकृत हो गई है. यह साझेदारी न केवल बांग्लादेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच आर्थिक सहयोग को भी मजबूत कर रही है.



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