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BCCL शेयर 23 रुपये से बढ़कर 45 रुपये पर लिस्ट, निवेशकों की बल्ले-बल्ले, निवेशकों की पूंजी दोगुनी

BCCL IPO Listing 2026: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने शेयर बाजार में शानदार एंट्री की. NSE पर 45 रुपये और BSE पर 45.21 रुपये पर लिस्टिंग हुई, जो इश्यू प्राइस 23 रुपये से लगभग दोगुना है.

BCCL IPO Listing 2026: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने सोमवार, 19 जनवरी को शेयर बाजार में कदम रखा और पहले ही दिन निवेशकों को चौंका दिया. कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 45 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसकी कीमत 45.21 रुपये रही. यह इश्यू प्राइस 23 रुपये से लगभग दोगुना है.

निवेशकों की बल्ले-बल्ले

IPO में जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए थे, उनके लिए लिस्टिंग का दिन बेहद खास रहा. पहले ही ट्रेडिंग सेशन में उनकी पूंजी लगभग दोगुनी हो गई. कंपनी ने इस ऑफर के जरिए 1,071 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई. यह साल 2026 का पहला बड़ा मेन-बोर्ड इश्यू है, जिसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया.

एक लॉट पर मोटा मुनाफा

IPO का प्राइस बैंड 21-23 रुपये रखा गया था. एक लॉट में 600 शेयर थे, जिसके लिए निवेशकों को 13,800 रुपये खर्च करने पड़े. लिस्टिंग के बाद एक लॉट की वैल्यू 27,000 रुपये हो गई. यानी हर निवेशक को करीब 13,200 रुपये का फायदा मिला.

एक्सपर्ट्स की राय

मार्केट जानकारों का कहना है कि 96% का प्रीमियम उम्मीद से कहीं ज्यादा है. जिन निवेशकों ने सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए पैसा लगाया था, वे मुनाफा निकाल सकते हैं. वहीं, लंबे समय के निवेशक स्टील सेक्टर में कोकिंग कोल की बढ़ती मांग को देखते हुए इसमें बने रह सकते हैं.

IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

BCCL का IPO तीन दिन में 143 गुना सब्सक्राइब हुआ. रिटेल निवेशकों ने इसे 49 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया. यह IPO 9 जनवरी को खुला था और 13 जनवरी तक चला. कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी है और स्टील सेक्टर के लिए जरूरी कोकिंग कोल बनाती है.

निवेश को लेकर जरूरी बातें

यह इश्यू ‘ऑफर फॉर सेल’ था, यानी जुटाया गया पैसा सीधे कोल इंडिया को जाएगा. सरकारी कंपनियों का प्रदर्शन अक्सर नीतियों और ग्लोबल कीमतों पर निर्भर करता है. साथ ही, BCCL का कामकाज झरिया और रानीगंज तक सीमित है. अगर इन इलाकों में कोई पर्यावरणीय या रेगुलेटरी समस्या आती है तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है.

मजबूत बैलेंस शीट

वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने लगभग 13,803 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जबकि उसका शुद्ध लाभ करीब 1,564 करोड़ रुपये रहा. खास बात यह है कि कंपनी पर किसी तरह का कर्ज नहीं है और इसके पास मजबूत नकदी प्रवाह मौजूद है, जो इसे वित्तीय रूप से स्थिर बनाता है.

घरेलू उत्पादन में सबसे आगे

BCCL देश में कोकिंग कोल उत्पादन का सबसे बड़ा खिलाड़ी है और अकेले ही लगभग 58% हिस्सेदारी रखती है. एक0 अप्रैल 2024 तक कंपनी के पास करीब 7,910 मिलियन टन कोयले का भंडार मौजूद था. इसका प्रमुख उपयोग स्टील उद्योग और बिजली उत्पादन क्षेत्र में होता है, जहां कंपनी लगातार सप्लाई करती है.

तकनीक से बढ़ी क्षमता

कंपनी ने 2021 से हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (HEMM) का इस्तेमाल बढ़ाया है. फिलहाल यह 34 खदानों का संचालन कर रही है और झरिया व रानीगंज कोलफील्ड में 288 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैली हुई है.

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कोकिंग कोल क्यों है खास?

साधारण कोयला बिजली बनाने में काम आता है, जबकि कोकिंग कोल स्टील उत्पादन के लिए जरूरी है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में BCCL जैसी घरेलू कंपनी की अहमियत और भी बढ़ जाती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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