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ग्लोबल वैल्यू चेन, डिजिटल हेल्थ और AI से लेकर सांस्कृतिक सुरक्षा तक: BRICS इंडिया-2026 फैक्टशीट में क्या-क्या खास? जानिए

BRICS INDIA 2026 FACTSHEET: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की आधिकारिक फैक्टशीट जारी की है. ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ (RICS) थीम पर आधारित यह दस्तावेज बहुक्षेत्रीय सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप फंड और जन-जन के जुड़ाव का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करता है.

BRICS Expansion 2026
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के ठोस परिणामों, बहुपक्षीय पहलों और रणनीतिक रूपरेखा को रेखांकित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information & Broadcasting) ने आधिकारिक ‘BRICS India 2026 Factsheet’ जारी की है. यह व्यापक दस्तावेज चार प्रमुख स्तंभों-लचीलापन (Resilience), नवाचार (Innovation), सहयोग (Cooperation) और संधारणीयता (Sustainability) पर केंद्रित है, जो ब्रिक्स सदस्य देशों और पार्टनर राष्ट्रों के बीच व्यावहारिक, जन-केंद्रित और भविष्योन्मुखी साझेदारी को नई दिशा प्रदान करता है.

PILLAR I: रेजिलिएंस (Resilience) — प्रणालियों, आजीविका और जीवन की सुरक्षा

भारत की प्राथमिकताओं में वैश्विक झटकों से अर्थव्यवस्थाओं और मानव जीवन को सुरक्षित रखना सबसे ऊपर रहा है:

कृषि व खाद्य सुरक्षा: कृषि-पारिस्थितिकी (Agroecology) और पुनर्योजी प्राकृतिक खेती पर केंद्रित ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का निर्णय लिया गया.

नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ मोर्चा: सिंथेटिक ड्रग्स, नए साइकोएक्टिव पदार्थों और प्रीकर्सर केमिकल डायवर्जन पर प्रभावी रोक के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी.

आपदा प्रबंधन व स्वास्थ्य सुरक्षा: बहु-खतरे की प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के लिए डेटा एकीकरण दिशानिर्देश और जलवायु-अनुकूल शहरी बुनियादी ढांचे के स्वैच्छिक सिद्धांत तय किए गए. वहीं, महामारियों की रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट्स (NPHIs) के नेटवर्क का ढांचा तैयार किया गया.

MSMEs और ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC): सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए ट्रेड फाइनेंस और रिस्क मिटिगेशन कार्ययोजना बनाई गई. इसके साथ ही वर्ष 2026-2030 के लिए ‘ब्रिक्स जीवीसी एक्शन प्लान’ शुरू किया गया, जिसके तहत ब्रिक्स टेक्निकल काउंसिल और ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ जैसी पहलें शामिल हैं.

PILLAR II: इनोवेशन (Innovation) – प्रौद्योगिकी, एआई और ज्ञान मंच

नवाचार के क्षेत्र में भारत ने अपनी तकनीकी प्रगति और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के मॉडल को ब्रिक्स पटल पर रखा:

ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड और इनक्यूबेटर नेटवर्क: शुरुआती और विकास के चरण वाले स्टार्टअप्स को पूंजी जुटाने में मदद करने के लिए ‘ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड’ और इनक्यूबेटर्स का एक साझा क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा गया.

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): डिजिटल समाधानों के पायलट प्रोजेक्ट्स और यूनिवर्सल डिजिटल कनेक्टिविटी पर एक साझा कंपेंडियम विकसित करने पर सहमति बनी.

सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा में AI: चोरी या गुमशुदा सांस्कृतिक वस्तुओं और साझा विरासतों की पहचान व खोज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विजुअल मैचिंग टूल्स का उपयोग किया जाएगा.

पारंपरिक ज्ञान और बौद्धिक संपदा: बायो-पायरेसी रोकने के लिए पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान के प्रलेखन और ट्रेडमार्क प्रक्रियाओं में AI/मशीन लर्निंग के उपयोग पर रूपरेखा तय हुई.

मेगा साइंस प्रोजेक्ट्स (2026-2030): ब्रिक्स साइंस एंड रिसर्च रिपोजिटरी (BSRR) और बड़े वैज्ञानिक अनुसंधानों के लिए ‘ब्रिक्स ग्रेन’ (BRICS GRAIN) नेटवर्क के जरिए युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को मंच मिलेगा.

PILLAR III: कोऑपरेशन (Cooperation) — संस्थागत तंत्र, भ्रष्टाचार पर एक्शन

संस्थागत क्षमता निर्माण और पारदर्शी शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस घोषणाएं की गईं:

भगोड़े अपराधियों पर शिकंजा: भगोड़े आर्थिक अपराधियों और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों की धरपकड़ के लिए लॉ एनफोर्समेंट प्रैक्टिशनर्स का नेटवर्क, अनौपचारिक सहयोग रिपोजिटरी और एसेट रिकवरी (संपत्ति जब्ती) विशेषज्ञ नेटवर्क को सक्रिय किया गया.

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: आतंकवाद के सभी स्वरूपों की स्पष्ट निंदा करते हुए सक्षम सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और काउंटर-टेररिज्म सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई.

अंतरराष्ट्रीय कराधान और विवाद समाधान: बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में डब्ल्यूटीओ (WTO) सुधारों, वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR/मध्यस्थता), अंतरराष्ट्रीय कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग पर ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की स्थापना हुई.

महिला सशक्तिकरण व श्रम: ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म के जरिए सामाजिक सुरक्षा और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा महिला सशक्तिकरण की श्रेष्ठ नीतियों के डिजिटल रिपोजिटरी का निर्माण किया गया.

PILLAR IV: सस्टेनेबिलिटी — ग्रीन ट्रांजिशन और लाइफस्टाइल

पर्यावरण और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत के ‘लाइफ’ (LiFE – पर्यावरण के लिए जीवनशैली) विजन को शामिल किया गया:

स्मार्ट ग्रिड और रिन्यूएबल एनर्जी: ब्रिक्स देशों के बीच रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में स्मार्ट ग्रिड, एनर्जी स्टोरेज और डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर सहमति बनी. साथ ही सोलर पीवी (Photovoltaics) वर्किंग ग्रुप का एक्शन प्लान तैयार किया गया.

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF): विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए ‘ब्रिक्स फोरम ऑन सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल्स’ गठित किया गया.

स्वस्थ जीवनशैली मिशन: गैर-संचारी रोगों और मोटापे की रोकथाम के लिए ‘ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफस्टाइल (2026-2029)’ का रोडमैप तैयार किया गया.

पीपुल-टू-पीपुल एंगेजमेंट: जनता से जनता का सीधा जुड़ाव

इस सम्मेलन को केवल कूटनीतिक बैठकों तक सीमित न रखकर भारत के विभिन्न शहरों में जन-सहभागिता के आयोजनों से जोड़ा गया:

  • लखनऊ: ब्रिक्स एकेडमिक फोरम
  • गांधीनगर: ब्रिक्स यूथ समिट और यूथ काउंसिल
  • अहमदाबाद: ब्रिक्स पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल (Demonstration Games 2026)
  • भोपाल व गोवा: ब्रिक्स कल्चरल फेस्टिवल (भोपाल) और ब्रिक्स फिल्म फेस्टिवल (गोवा)
  • मुंबई: ब्रिक्स वेव्स (WAVES) बाजार
  • बेंगलुरु: ब्रिक्स यंग साइंटिस्ट्स फोरम

यह फैक्टशीट दर्शाती है कि भारत ने अपनी अध्यक्षता में ब्रिक्स को केवल एक राजनीतिक मंच के बजाय आर्थिक सशक्तिकरण, नवाचार और जन-कल्याण का एक सशक्त वैश्विक माध्यम बना दिया है.



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