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क्या नए GST स्लैब के बाद बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम, रिपोर्ट में दावा- अल्ट्राटेक और अंबुजा कंपनियों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

नोमुरा (Nomura) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जीएसटी दरों में कटौती के फैसले से पहले अगस्त के आखिरी हफ्ते में भारत भर के डीलर कीमतों में 20-30 रुपये प्रति बैग की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकते हैं.

Cement Price After GST

आने वाले जीएसटी स्लैब (New GST Slab) में बदलाव और ग्राहकों द्वारा बेहतर क्वालिटी वाले उत्पादों की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान के कारण भारतीय सीमेंट बाजार (Cement Market) का अधिक कीमतों की तरफ बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. नोमुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैटेगरी ए सीमेंट के कम लागत वाली कैटेगरी सी कंपनियों की कीमत पर बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है.

जीएसटी (GST) परिषद 3-4 सितंबर को दो स्लैब वाले जीएसटी दरों पर निर्णय लेने के लिए बैठक करेगी. सीमेंट पर अभी 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जिसे घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की संभावना है.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सीमेंट उद्योग मूल्य के आधार पर चार भागों में बंटा है- प्रीमियम, कैटेगरी ए, बी और सी. जहां प्रीमियम की कीमत कैटेगरी ए की तुलना में 50 रुपये प्रति बैग तक अधिक है. वहीं ए, बी और सी के बीच का अंतर लगभग 25-30 रुपये प्रति बैग है.

ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि इस टैक्स कटौती से प्रीमियम और कैटेगरी ए सीमेंट अधिक किफायती हो जाएंगे. रिपोर्ट में कहा गया है, “कैटेगरी ए का कारोबार अभी कुल बिक्री का लगभग 40 प्रतिशत है. जीएसटी में कटौती से वित्त वर्ष 30 तक यह बढ़कर 55-60 प्रतिशत हो सकता है.”

इसके अलावा ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अल्ट्राटेक और अंबुजा जैसी ऑल इंडिया कंपनियों को सबसे ज़्यादा फायदा होगा, क्योंकि अलग-अलग बाज़ारों में अल्ट्राटेक वेदर प्लस और एसीसी गोल्ड सहित उनके प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी.

GST के फैसले से पहले सीमेंट कंपनियां बढ़ा सकती हैं दाम

नोमुरा (Nomura) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम बंगाल के डीलरों ने हालिया गिरावट की भरपाई के लिए पहले ही 11 रुपये प्रति बैग की कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है. ब्रोकरेज ने आगे कहा कि जीएसटी दरों में कटौती के फैसले से पहले अगस्त के आखिरी हफ्ते में भारत भर के डीलर कीमतों में 20-30 रुपये प्रति बैग की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकते हैं.

हालांकि नोमुरा ने आगाह किया है कि जीएसटी से पहले की गई इस तरह की कीमतों में बढ़ोतरी कर अधिकारियों का ध्यान खींच सकती है. अगर इसे लागू किया जाता है तो ये बढ़ोतरी डालमिया भारत और नुवोको जैसी कंपनियों को मदद कर सकती है.

श्री सीमेंट ने कैटेगरी ए के साथ कीमतों के अंतर को कम किया

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि श्री सीमेंट (Shree Cement) जैसी कैटेगरी बी की कंपनियां कैटेगरी ए के साथ कीमतों के अंतर को कम कर रही हैं. श्री सीमेंट जिसने हमेशा से मात्रा-आधारित रणनीति अपनाया है, अब ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से प्राप्तियों में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

डीलरों की जांच से पता चलता है कि श्री सीमेंट ने उत्तर भारत में कैटेगरी ए सीमेंट के साथ कीमतों के अंतर को लगभग 15 रुपये प्रति बैग तक कम कर दिया है, जो पहले 25-30 रुपये था. पूर्वी भारत में यह अंतर 35 रुपये प्रति बैग से घटकर 20 रुपये प्रति बैग रह गया है. ये दोनों क्षेत्र मिलकर श्री सीमेंट के कुल कारोबार में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं.

कैटेगरी C की कंपनियों खो रही बाज़ार

कैटेगरी C की सीमेंट कंपनियों को केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अपनी बिक्री बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. जब कैटेगरी A की सीमेंट 380-400 रुपये प्रति बैग पर बिक रही थी, तब उनका बाज़ार काफी बड़ा था, लेकिन क्षेत्रीय कीमतों में गिरावट के साथ कैटेगरी C की कंपनियों ने कैटेगरी A-B जैसे बड़े प्लेयर के सामने अपना बाज़ार खो दिया है.

डीलरों ने नोमुरा को बताया कि ऊंची कीमतों के बाद भी कस्टमर कैटेगरी A और B के सीमेंट को पसंद करते हैं. यह रैमको, अल्ट्राटेक और अंबुजा के लिए सकारात्मक है, जो इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति का विस्तार जारी रखे हुए हैं.


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-भारत एक्सप्रेस



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