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पब्लिक इन्वेस्टमेंट में तेज़ी आएगी, केंद्र ने राज्यों के लिए बढ़ाया ‘अनटाइड’ कैपिटल एक्सपेंडिचर

केंद्र ने राज्य सरकारों को दिए जाने वाले अनटाइड पूंजीगत व्यय ऋणों (Untied Capital Expenditure) को बढ़ाने के लिए दिशानिर्देशों में बदलाव किया है. इस कदम से पब्लिक इन्वेस्टमेंट में तेज़ी आएगी.

Untied Capex

केंद्र ने राज्य सरकारों को दिए जाने वाले अनटाइड पूंजीगत व्यय ऋणों (Untied Capital Expenditure) को बढ़ाने के लिए दिशानिर्देशों में बदलाव किया है. इस कदम से पब्लिक इन्वेस्टमेंट में तेज़ी आएगी.

वित्त वर्ष 2026 के लिए निर्धारित 1.5 लाख करोड़ रुपये के ब्याज-मुक्त 50-वर्षीय पूंजीगत व्यय ऋणों में से केंद्र ने राज्यों द्वारा चिन्हित अनटाइड परियोजनाओं के लिए 57,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जबकि शेष राशि भूमि और शहरी नियोजन जैसे सुधारों और विशिष्ट परियोजनाओं से जुड़ी थी.

हालांकि, केंद्र ने अब अनटाइड हिस्से को बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे अधिक कुशल राज्यों को अपनी पसंद की परियोजनाओं को लागू करने के लिए अधिक राशि मिलेगी. इस वर्ष अब तक स्वीकृत 75,000 करोड़ रुपये में से राज्यों को पूंजीगत व्यय ऋणों के रूप में 50,000 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. यह 2025-26 के लक्ष्य का आधा है.

SNA SPARSH अनुपालन से जुड़े प्रोत्साहन

राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में एक्सपेंडिचर डिपार्टमेंट ने कहा है कि “पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों के लिए मूल परिव्यय का 100% तक अतिरिक्त आवंटन (उपलब्ध होगा) और अन्य राज्यों के लिए मूल आवंटन का 50%, जिन्होंने भाग-I (संयुक्त ऋण) के तहत पहली किस्त का उपयोग कर लिया है और दूसरी किस्त प्राप्त कर ली है.”

यह ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर होगा, जो योजना के अन्य भागों के अंतर्गत बचत की उपलब्धता और राजकोषीय गुंजाइश की उपलब्धता पर निर्भर करेगा. अतिरिक्त आवंटन की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव पेश करते समय, राज्यों को उन सभी राज्य-संबद्ध योजनाओं के एकल नोडल एजेंसी (SNA) खातों में अप्रयुक्त केंद्रीय हिस्से की वापसी का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिनके आरबीआई खाते खोले गए हैं और प्रस्ताव पेश करने के पिछले महीने के अंत तक सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के एसएनए स्पर्श मॉड्यूल पर मैप किए गए हैं.

SASCI राज्य सुधारों को आगे बढ़ा रहा है

नवंबर से केंद्र सरकार उधारी पर लगाम लगाने और कैपिटल फ्लो को रोकने के लिए राज्य के ट्रेजरी और बैंकों के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक के प्लेटफॉर्म का उपयोग योजनाओं के लिए कैश ट्रांसफर करने के लिए करेगी. मूल रूप से आवंटित 57,000 करोड़ रुपये में से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अनटाइड फंड के तहत 15वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार, केंद्रीय करों और शुल्कों में उनके हिस्से के अनुपात में राज्यों के बीच 55,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे.

इस श्रेणी के अंतर्गत 66% की पहली किस्त अनिवार्य शर्तों को पूरा करने पर जारी की जानी थी, जबकि 34% की दूसरी किस्त पहली किस्त से 75% फंड उपयोग और 31 मार्च, 2025 तक SNA SPARSH में ट्रांसफर सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के राज्य नोडल एजेंसी खाते में केंद्रीय हिस्से की वापसी के बाद जारी की जाएगी.

पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत केंद्र ने वित्त वर्ष 21 से संचयी रूप से 5.12 लाख करोड़ रुपये दिए हैं. SASCI प्रारंभिक वित्त वर्ष 2021 में 12,000 करोड़ रुपये से लेकर वित्त वर्ष 2025 में 1.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है. यह एक पॉलिसी लीवर बन गया है, जो राज्यों में महत्वपूर्ण सुधारों को प्रोत्साहित करता है.


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-भारत एक्सप्रेस



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