Mumbai News: धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के सीईओ एसवीआर श्रीनिवास ने मुंबई के धारावी के आर्थिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल आवास प्रदान करने के लिए नहीं है, बल्कि वहां के निवासियों की आजीविका की रक्षा करने के लिए भी है.
एसवीआर श्रीनिवास ने कहा- धारावी एक जीवंत अर्थव्यवस्था है, जहां व्यवसायों को औपचारिक क्षेत्र में लाकर उन्हें अधिकार और सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
श्रीनिवास ने धारावी की विभिन्न उद्योगों, जैसे रीसाइक्लिंग, चमड़ा, वस्त्र, खाद्य और मिट्टी के बर्तन बनाने की इकाइयों का जिक्र किया, जो अत्यधिक श्रम-गहन हैं. उन्होंने कहा- “सरकार का उद्देश्य इन उद्योगों को न केवल सुरक्षित करना, बल्कि उन्हें विस्तारित करना भी है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों.”
#WATCH | SVR Srinivas, CEO, Dharavi Redevelopment Project (DRP) in Mumbai, says, "This project is as much about providing houses as about protecting their livelihoods. Dharavi is a bubbling economy and a thriving economy. More than 1 Billion USD of business happens there but it… pic.twitter.com/Ns9BtcRgtL
— ANI (@ANI) June 10, 2025
श्रीनिवास ने बताया कि पुनर्विकास के बाद इन उद्योगों को फिर से स्थापित करने पर उन्हें पांच साल तक राज्य जीएसटी रिफंड का लाभ मिलेगा, जो राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया निर्णय है. उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना के दौरान कुछ व्यवधान हो सकते हैं, लेकिन यह एक सार्वजनिक उद्देश्य की परियोजना है.
वहीं, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आजीविका की रक्षा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता. कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि धारावी पुनर्विकास परियोजना मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां सभी को आवास और बेहतर जीवन स्तर प्रदान किया जाएगा.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




