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DHL Group के CEO Tobias Meyer ने भारत में रणनीतिक निवेश और भविष्य की वृद्धि पर की चर्चा, जानिए उनकी योजना

DHL Group के सीईओ टोबियास मेयर ने भारत में अपने निवेश को जारी रखने की बात की. उन्होंने भारतीय बाजार में स्थानीय वेयरहाउसिंग, वितरण, और ब्लू डार्ट के माध्यम से भारी निवेश की योजना का खुलासा किया.

Tobias Meyer, Chief Executive Officer of DHL Group

टोबियास मेयर, डीएचएल समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

DHL Group के सीईओ टोबियास मेयर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि भारत कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, और वे यहाँ अपने निवेश को जारी रखेंगे. उन्होंने भारत में स्थानीय वेयरहाउसिंग, वितरण, और ब्लू डार्ट के माध्यम से डोमेस्टिक एक्सप्रेस और पार्सल नेटवर्क में भारी निवेश करने की योजना की पुष्टि की.

भारत में DHL Group का निवेश

टोबियास मेयर ने भारत में DHL के कार्यों पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी का बहुत मजबूत आधार है और DHL ने भारतीय बाजार में काफी निवेश किया है, खासकर स्थानीय वेयरहाउसिंग और वितरण के क्षेत्र में. उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में कंपनी ने हाल ही में 20 मिलियन यूरो से अधिक का निवेश किया है और यह केंद्र पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी सस्टेनेबल है. इस सुविधा में 600 किलोवाट की सोलर ऊर्जा प्रणाली भी स्थापित की गई है.

ब्लू डार्ट के माध्यम से निवेश

मेयर ने ब्लू डार्ट, जो कि भारत में DHL का प्रमुख डोमेस्टिक एक्सप्रेस और पार्सल सेवा प्रदाता है, में किए गए निवेश का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि ब्लू डार्ट ने पिछले साल अपनी विमानन क्षमता में विस्तार किया और दो नए विमान जोड़े हैं, जिससे और नए मार्गों और अतिरिक्त क्षमता का लाभ मिल सके. इसके अतिरिक्त, कंपनी दिल्ली क्षेत्र में एक और बड़ा हब खोलने की योजना बना रही है, जो 2025 में चालू होगा.

ब्लू डार्ट में 500 मिलियन यूरो का निवेश

DHL ने भारत में अपने परिचालनों को और भी सशक्त बनाने के लिए ब्लू डार्ट में €500 मिलियन का निवेश करने की योजना बनाई थी. मेयर के अनुसार, इसमें से लगभग €200 मिलियन का निवेश वेयरहाउसिंग के विस्तार पर खर्च किया गया है, और बाकी की राशि ब्लू डार्ट के विमान बेड़े और बुनियादी ढांचे के विस्तार में लगी है.

भारतीय बाजार में DHL की स्थिति

जब मेयर से पूछा गया कि क्या DHL भारत में पहले ही 61% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर चुका है, तो उन्होंने इसका उत्तर इस प्रकार दिया कि वे अंतर्राष्ट्रीय एक्सप्रेस बाजार में सबसे बड़े खिलाड़ी हैं, खासकर उच्च मूल्य वाले सामानों और बी2बी एअर सेगमेंट में. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत के घरेलू ई-कॉमर्स बाजार में उनकी हिस्सेदारी उतनी बड़ी नहीं है, क्योंकि उनकी मुख्य सेवाएं प्रीमियम श्रेणी के सामानों के लिए हैं.

भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र में DHL की स्थिति

भारत में DHL की उपस्थिति को लेकर मेयर ने कहा कि कंपनी ई-कॉमर्स क्षेत्र में निवेश कर रही है और यहां एक नए केंद्र का उद्घाटन किया है, जो हर महीने 5 लाख पैकेजों को प्रोसेस कर सकता है. इसके अलावा, एक और बड़ा केंद्र भी जल्द ही खोला जाएगा. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि DHL विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करता है, जहां वे उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान कर सकते हैं, और उन्हें तेजी से हो रही डिलीवरी या ‘क्विक कॉमर्स’ पर कम फोकस है.

भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी की संभावनाएं

भारतीय रेलवे द्वारा माल परिवहन में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निवेश पर टिप्पणी करते हुए मेयर ने कहा कि DHL भी मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट में दिलचस्पी रखता है, और इसे कई देशों में लागू भी किया है. वे भारत में रेल परिवहन के विकास के लिए आशान्वित हैं, लेकिन इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता और विश्वसनीयता जरूरी है.

वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक प्रभाव

टोबियास मेयर ने बताया कि 2024 के लिए वैश्विक व्यापार वातावरण में कई चुनौतियाँ और अस्थिरताएँ हैं. विशेष रूप से, उन्होंने चीन और अमेरिका के बीच के व्यापार मार्गों में गिरावट को उजागर किया, जो पिछले पांच वर्षों से जारी है. इसके अलावा, यूरोप में धीमी आर्थिक वृद्धि भी उनके व्यापार पर असर डाल रही है.

अर्थव्यवस्था पर वैश्विक मुद्दों का असर

मेयर का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था प्रमुख रूप से घरेलू खपत पर निर्भर है, और इसलिए यूरोप की धीमी वृद्धि का भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला है. उन्होंने कहा कि भारत के निर्यात का योगदान वर्तमान में अपेक्षाकृत कम है, और घरेलू मांग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुख्य प्रेरक शक्ति बनी हुई है.

भविष्य की रणनीति

DHL के सीईओ ने अपने भारत निवेश की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि उनकी कंपनी भारत में अपने बाजार हिस्से को और मजबूत करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वैश्विक व्यापार में अस्थिरता हो, DHL अपनी व्यापार रणनीतियों को उन क्षेत्रों और व्यापार मार्गों में फोकस करेगा, जहां विकास की संभावनाएं अधिक हैं, जैसे कि विज्ञान और स्वास्थ्य क्षेत्र.

DHL Group ने भारत में अपने निवेश और विस्तार को जारी रखने का वादा किया है, और यह स्पष्ट है कि भारत को कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार माना जा रहा है. भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था और DHL के व्यापार के बीच मजबूत साझेदारी की संभावना है.



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