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GeM ने स्टार्टअप इंडिया को दी नई उड़ान: ₹38,500 करोड़ की खरीद, 30,000 स्टार्टअप्स जुड़े

स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में GeM का शानदार प्रदर्शन, ₹38,500 करोड़ की खरीद और 30,000 से अधिक स्टार्टअप्स जुड़े. जानिए कैसे GeM स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहा है.

Startup Mahakumbh

तीन दिनों तक चला “स्टार्टअप महाकुंभ 2025” दिल्ली में खत्म हो गया, लेकिन इसकी गूंज और ऊर्जा पूरे देश में फैल गई. इस भव्य आयोजन में देशभर से इनोवेटर्स, निवेशक, नीति-निर्माता और युवा उद्यमी शामिल हुए. लेकिन सबसे खास रहा GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) का योगदान, जो इस बार सिर्फ एक भागीदार नहीं, बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति बनकर उभरा.

GeM का असरदार प्रदर्शन

GeM पवेलियन इवेंट का आकर्षण केंद्र बना रहा. यहाँ लगातार स्टार्टअप्स के सवालों के जवाब दिए गए और 1,000 से ज्यादा नई रजिस्ट्रेशन हुए. इससे साफ है कि आज की युवा पीढ़ी सरकारी खरीद को एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है.

GeM की थीम थी – “आत्मनिर्भर भारत के लिए अवसरों का ताला खोलना.” इस सोच के साथ GeM ने स्टार्टअप्स, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स और सरकारी अधिकारियों से सीधा संवाद किया. संदेश साफ था — सरकारी खरीददारी अब सिर्फ कागजी काम नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का ज़रिया है.

GeM Pavilion की खास झलकियां

GeM Pavilion में इंटरैक्टिव मेंटरिंग, लाइव डेमो, ग्रुप ऑनबोर्डिंग वर्कशॉप्स और रीयल-टाइम सपोर्ट जैसी गतिविधियाँ हुईं. ये सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक अनुभव था, जिसने स्टार्टअप्स को सरकारी सिस्टम से जुड़ने का हौसला दिया.

GeM द्वारा आयोजित पैनल चर्चा भी चर्चा का विषय रही. इसमें मंत्रालयों, इंडस्ट्री और GeM के लीडर्स ने महत्वपूर्ण विषयों पर बात की – जैसे “भारत की विकास यात्रा,” “स्टार्टअप्स के जरिए राज्य खरीद में बढ़ोतरी,” और “केंद्र सरकार के साथ अवसरों का अनलॉक.”

CEO का प्रेरणादायक संदेश

GeM के CEO श्री अजय भादू ने कहा,
“आइए, साथ मिलकर पब्लिक प्रोक्योरमेंट की ताकत का इस्तेमाल करें, ताकि स्टार्टअप्स बढ़ें, देश आगे बढ़े और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो.”

इवेंट में GeM ने 1,500 से ज्यादा इंटरैक्टिव सेशन्स आयोजित किए. इनमें मेंटरिंग, ग्रुप ट्रेनिंग और प्रोक्योरमेंट पॉलिसी पर अवेयरनेस सेशन्स शामिल थे. कई युवा उद्यमियों के लिए ये सेशन्स जीवन बदलने वाले साबित हुए.

स्टार्ट-ओ-नॉट्स चैलेंज के विजेता

GeM ने अपने Pavilion में 70 से ज्यादा स्टार्टअप्स को स्पॉटलाइट दिया. इनमें से 30 स्टार्टअप्स “Start-o-nauts Challenge” के विजेता रहे. इन्हें अपने प्रोडक्ट्स दिखाने के लिए मुफ्त स्टॉल दिए गए. इससे उन्हें सरकारी खरीददारों और संभावित पार्टनर्स से सीधे जुड़ने का मौका मिला.

अब तक GeM के जरिए ₹38,500 करोड़ से ज्यादा की खरीद 30,000 से अधिक स्टार्टअप्स से हो चुकी है. स्टार्टअप महाकुंभ में GeM की भागीदारी भविष्य की बड़ी उड़ान का संकेत है.

एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान

GeM की सफलता उस व्यापक योजना का हिस्सा है जो भारत सरकार पिछले दशक से चला रही है. “Startup India” पहल, 2016 में शुरू हुई थी. इसमें टैक्स छूट, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और ₹10,000 करोड़ का फंड ऑफ फंड्स जैसे लाभ शामिल हैं.

NITI Aayog की “Atal Innovation Mission” भी नवाचार को गांवों और स्कूलों तक ले जा रही है. स्कूलों में Atal Tinkering Labs और कॉलेजों में Atal Incubation Centres इसका हिस्सा हैं.

SIDBI द्वारा संचालित Fund of Funds से देश के छोटे शहरों तक फंडिंग पहुंचाई जा रही है. वहीं, TIDE 2.0 और SAMRIDH जैसे कार्यक्रम टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स को ग्रोथ में मदद दे रहे हैं.

ग्रामीण और पिछड़े इलाकों से स्टार्टअप्स को जोड़ने के लिए Digital India GENESIS जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं. साथ ही National Startup Awards के ज़रिए नवाचार, स्केलेबिलिटी और सामाजिक प्रभाव वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया जाता है.

महिलाओं को आगे लाने के लिए Stand-Up India, Women Entrepreneurship Platform, और Mahila Coir Yojana जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं.


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DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या अब 1.25 लाख से ज्यादा है. इससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है.

-भारत एक्सप्रेस



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