फाउंडिट इनसाइट्स ट्रैकर (Foundit Insights Tracker) की नई रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 में भारत में व्हाइट-कॉलर नौकरियों के लिए भर्ती में साल-दर-साल 32% की वृद्धि देखी गई, जो सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों द्वारा संचालित है. भर्ती में वृद्धि की वजह बढ़ती उपभोक्ता मांग, केंद्रीय बजट 2025-26 से रणनीतिक प्रोत्साहन और स्थिरता पहलों पर बढ़ता फोकस है.
हरित नौकरियां सबसे आगे
रिपोर्ट में पिछले दो वर्षों में हरित नौकरियों में 41% की उल्लेखनीय वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है, जो स्वच्छ ऊर्जा पहलों और वैश्विक शुद्ध-शून्य लक्ष्यों के विस्तार से प्रेरित है. बेंगलुरु, दिल्ली और पुणे इन भूमिकाओं के लिए प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं, जहां ऊर्जा लेखा परीक्षा और स्थिरता रणनीति में विशेष कौशल की उच्च मांग है. हरित नौकरियों की मांग 2025 में 11% और बढ़ने का अनुमान है, जो अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं में वृद्धि से प्रेरित है.
फाउंडिट के मुख्य राजस्व और विकास अधिकारी प्रणय काले ने कहा, “भारत का नौकरी बाजार लगातार मजबूत गति से बढ़ रहा है, जिसमें प्रमुख उद्योगों में भर्ती में उछाल आ रहा है. यात्रा, खुदरा और हरित नौकरियों जैसे क्षेत्रों में निरंतर गति देखी जा रही है, जो व्यावसायिक आत्मविश्वास और उद्योग की उभरती प्राथमिकताओं को दर्शाता है.”
सरकारी नीतियां विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा और स्थिरता-केंद्रित उद्योगों का समर्थन करने वाले बजट प्रावधान इस भर्ती में आई उछाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
खुदरा, यात्रा और पर्यटन क्षेत्रों में भी वृद्धि देखी गई
जनवरी में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र में भर्ती में 17% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़ती उपभोक्ता मांग और सरकारी पहलों से प्रेरित है. विमानन, लक्जरी पर्यटन और इको-पर्यटन में AI-संचालित यात्रा प्रौद्योगिकी में उभरती भूमिकाओं के साथ नए रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.
इसी तरह खुदरा क्षेत्र में साल-दर-साल 24% की भर्ती वृद्धि देखी गई, जो उपभोक्ता खर्च और डिजिटल परिवर्तन में वृद्धि से बढ़ी. इससे आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, ग्राहक अनुभव और AI-संचालित खुदरा विश्लेषण में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ रही है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे मेट्रो शहरों से आगे भर्ती का विस्तार हो रहा है, टियर II हब भी रोजगार केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जो भारत को भविष्य के लिए तैयार हरित अर्थव्यवस्था की ओर ले जा रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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