भारत को यूरोप की सॉफ्टवेयर मल्टीनेशनल कंपनी SAP ने “सुपर-स्ट्रैटेजिक मार्केट” का दर्जा दिया है. यह भारत में अपने सबसे बड़े रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) सेंटर का संचालन करती है, जो जर्मनी के वाल्डॉर्फ में मुख्यालय के बाहर स्थित है.
SAP के एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य थॉमस सॉरिसिग ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में Moneycontrol को दिए इंटरव्यू में कहा, “भारत हमारे लिए बेहद खास बाजार है. मैं भारत का बोर्ड स्पॉन्सर बनने पर गर्व महसूस करता हूं. हमारे भारत लैब में 15,000 से ज्यादा शानदार डेवलपर्स काम कर रहे हैं.”
दावोस में आयोजित 55वें WEF सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 नेता शामिल हुए. यह सम्मेलन 24 जनवरी को समाप्त हुआ.
सॉरिसिग ने बताया कि इस साल SAP ने भारत में अपना दायरा दोगुना कर लिया है. कंपनी ने दूसरा कैंपस खोला है, जिसमें 15,000 और पेशेवरों को जगह मिलेगी.
उन्होंने कहा, “भारत के आधे यूनिकॉर्न्स हमारे ग्राहक हैं. हम इन स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर बढ़ने में मदद कर रहे हैं.”
सॉरिसिग ने यह भी कहा कि SAP भारत की वृद्धि से खुद को लाभान्वित महसूस करता है.
हाल ही में, कंपनी ने घोषणा की थी कि वह भारत में बड़े स्तर पर हायरिंग करेगी. जल्द ही भारत SAP का सबसे बड़ा वर्कफोर्स वाला स्थान बन जाएगा, जो जर्मनी के मुख्यालय को पीछे छोड़ देगा.
SAP के डिजिटल को-पायलट का पूरा विकास भारत में हुआ है. सॉरिसिग ने बताया, “भारत का R&D लैब बाकी सभी लैब्स से खास है. यहां हर प्रोडक्ट लाइन का प्रतिनिधित्व होता है. SAP के सभी उत्पादों का काम भारत में हो रहा है.”
SAP के इस कदम से भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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