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भारत-अमेरिका के बीच जल्द होगी ‘फ्री ट्रेड डील’, बड़ा खुलासा करते हुए और क्या बोले पीयूष गोयल?

India US Trade Deal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ रही है.उन्होंने साफ किया कि भारत डेडलाइन नहीं, बल्कि संतुलित और मजबूत समझौते पर भरोसा करता है.

India-US Trade Deal: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ा खुलासा कर दिया है. इसको लेकर उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ एक मजबूत और व्यापक व्यापार समझौता बहुत जल्द पूरा हो सकता है. एक मीडिया ग्रुप को दिए इंटरव्यू में गोयल ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार चल रही है और बचे हुए मुद्दों पर काम हो रहा है. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यूरोपीय संघ के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से अमेरिका के साथ वार्ता में कोई देरी होगी.

‘बहुत जल्द होगी डील’: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि हम अमेरिका के साथ बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं. मुझे लगता है कि अमेरिका के साथ भी उतना ही मजबूत और उतना ही अच्छा समझौता हम जल्द कर लेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत कभी भी तय समयसीमा को पूरा करने के लिए बातचीत नहीं करता. हर समझौता अपने तय समय पर ही आगे बढ़ता है. यूरोपीय संघ के साथ समझौता भी आखिरी समय के दबाव से नहीं, बल्कि लंबी बातचीत के बाद हुआ.

गोयल ने यह भी कहा कि आपने मुझे कई इंटरव्यू और सार्वजनिक बयानों में सुना होगा. हम कभी भी डेडलाइन के साथ बातचीत नहीं करते. उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ अलग-अलग स्तरों पर वार्ता चल रही है और जो मुद्दे बचे हैं, उन पर काम किया जा रहा है.

ट्रंप की नीति ने दी गति?

पश्चिमी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ व्यापार नीति और लगाए गए टैरिफ ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच हालिया ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को गति देने में अहम भूमिका निभाई. अमेरिका ने स्टील, एल्युमिनियम और अन्य भारतीय उत्पादों पर 25 से 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए थे. पिछले साल भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता टैरिफ विवादों के कारण रुक गई थी. इसी वजह से भारत ने दूसरे विकल्पों पर ध्यान दिया.

वहीं ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर भी दबाव बनाया था. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उन्होंने यहां तक धमकी दी थी कि अगर यूरोप ग्रीनलैंड बेचने से इनकार करता है तो उस पर भी टैरिफ लगा सकते हैं. ऐसे में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत डील की उम्मीद बढ़ गई है.

भारत के लिए क्या हैं मायने?

पीयूष गोयल का बयान भारत-अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में नई गति का संकेत है. दोनों देशों के बीच व्यापार पहले से ही मजबूत है लेकिन टैरिफ और अन्य मुद्दों पर सहमति बाकी है. अगर समझौता होता है तो भारतीय निर्यातकों, खासकर आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और कृषि उत्पादों को बड़ा फायदा होगा. साथ ही अमेरिकी निवेश भी बढ़ सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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