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भारत की EV बिक्री 2024 में 27% वृद्धि के साथ आगे बढ़ेगी: रिपोर्ट

ब्लूमबर्गएनईएफ (BloombergNEF) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की वार्षिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिक्री 27% बढ़कर 2024 में दो मिलियन यूनिट को पार कर गई.

ब्लूमबर्गएनईएफ (BloombergNEF) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की वार्षिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिक्री 27% बढ़कर 2024 में दो मिलियन यूनिट को पार कर गई. यह नए जमाने के वाहनों को अपनाने में वृद्धि को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग के बढ़ते महत्व और विकास को देखते हुए भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर ने वेंचर कैपिटल, प्राइवेट इक्विटी और वाणिज्यिक बैंकों से 1 अरब डॉलर का निवेश भी आकर्षित किया है. यह वित्तपोषण ज्यादातर ईवी निर्माताओं द्वारा लिया गया, जिन्होंने $671 मिलियन के सौदे पूरे किए.

हालांकि, EV क्षेत्र में बढ़ती मांग और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कई वाहन निर्माता अपनी विस्तार योजनाओं के वित्तपोषण के लिए सार्वजनिक बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं. जैसा कि रिपोर्ट में बताया गया है, हुंडई इंडिया की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश देश के इतिहास में सबसे बड़ी थी और ओला इलेक्ट्रिक सार्वजनिक बाजारों में सूचीबद्ध होने वाली पहली शुद्ध ईवी फर्म बन गई.

श्रेणी-वार प्रदर्शन

वर्तमान में देश में बिकने वाली सभी यात्री कारों में से 2.6% इलेक्ट्रिक हैं और प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होती जा रही है. टाटा मोटर्स ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जबकि एमजी मोटर को सबसे अधिक लाभ हुआ. इसकी बाजार हिस्सेदारी 2024 में 25% हो गई, जो पिछले साल 13% थी.

जैसे-जैसे दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है वैसे-वैसे पुराने निर्माता स्टार्टअप्स के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं. टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प की इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संयुक्त बिक्री हिस्सेदारी 2023 में 29% से बढ़कर 2024 में 40% हो गई. बजाज वर्तमान में एथर एनर्जी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी ईवी विक्रेता है, क्योंकि 2024 में इसकी वार्षिक ईवी बिक्री 2.7 गुना बढ़ गई है.

कॉमर्सियल वाहन सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रकों और वैन की बिक्री 2.5 गुना बढ़कर 2024 में 6,220 इकाइयों तक पहुंच गई.

कर्नाटक और महाराष्ट्र में सबसे अधिक बिक्री हुई

रिपोर्ट के अनुसार, EV को अपनाना हल्के कॉमर्सियल वाहन सेक्शन पर केंद्रित है, जहां मांग डिलीवरी या लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं द्वारा कम ऑपरेशन लागत और डीकार्बोनाइजेशन आवश्यकताओं को पूरा करने के कारण इलेक्ट्रिक वैन और छोटे ट्रकों को अपनाने से प्रेरित है

राज्यवार कर्नाटक और महाराष्ट्र में 2024 में इलेक्ट्रिक दोपहिया और यात्री EV की सबसे अधिक बिक्री हुई. दूसरी ओर दिल्ली ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए इलेक्ट्रिक बसों का सबसे बड़ा बेड़ा बनाया. दिलचस्प बात यह है कि मुंबई और दिल्ली में भारत के 10,730 ई-बस बेड़े में से 49% हैं.

सरकार का सहयोग

पर्यावरण संबंधी चिंताओं और ऊर्जा सुरक्षा के संयोजन से प्रेरित केंद्र सरकार ने भारत में ईवी को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत उपाय पेश किए हैं. 2024 में, पीएम ई-ड्राइव योजना का अनावरण किया गया, जो उद्योग के लिए तीसरी मांग-पक्ष रणनीति थी, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने में तेज़ी लाना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना और देश में एक मज़बूत ईवी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना था.

-भारत एक्सप्रेस



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