भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, 28 मार्च, 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.6 अरब डॉलर बढ़कर 665.4 अरब डॉलर के पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. आरबीआई के अनुसार, देश का स्वर्ण भंडार 519 मिलियन डॉलर बढ़कर 77.8 अरब डॉलर हो गया, जो विदेशी मुद्रा भंडार का हिस्सा है.
21 मार्च को समाप्त सप्ताह में 4.5 अरब डॉलर बढ़कर 658.8 अरब डॉलर होने के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का यह लगातार चौथा सप्ताह है. रुपये में अस्थिरता को कम करने में मदद करने के लिए आरबीआई द्वारा पुनर्मूल्यांकन और विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के कारण पिछले हफ्तों की गिरावट का रुझान अब पिछले चार हफ्तों में उलट गया है.
इससे पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार सितंबर 2024 में बढ़कर 704.885 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था. देश के विदेशी मुद्रा भंडार में किसी भी तरह की मजबूती से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये को मजबूती मिलती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है. विदेशी मुद्रा भंडार में हाल ही में हुई वृद्धि के साथ रुपया भी मजबूत हुआ है.
वस्तु व्यापार घाटा फरवरी में घटकर पहुंचा 14.05 अरब डॉलर
विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादों को दर्शाती है और आरबीआई को रुपये में उतार-चढ़ाव आने पर उसे स्थिर करने के लिए अधिक गुंजाइश देती है. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई को रुपये को गिरने से रोकने के लिए अधिक डॉलर जारी करके हाजिर और फॉर्वड करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाता है. वहीं, गिरता विदेशी मुद्रा भंडार आरबीआई को रुपये को सहारा देने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए कम जगह देता है.
इस बीच, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, भारत का वस्तु व्यापार घाटा फरवरी में घटकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो तीन साल का न्यूनतम स्तर है. यह जनवरी में 22.99 अरब डॉलर था. इस दौरान निर्यात स्थिर रहा, जबकि आयात में गिरावट आई. यह वैश्विक बाजार में आर्थिक अनिश्चितता पैदा करने वाले भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद अर्थव्यवस्था के बाह्य क्षेत्र में मजबूती को दर्शाता है.
देश का वस्तु निर्यात फरवरी में 1.3 प्रतिशत बढ़कर 36.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि जनवरी में यह 36.43 अरब डॉलर था. वहीं, आयात 16.3 प्रतिशत घटकर 50.96 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले महीने यह 59.42 अरब डॉलर था.
ये भी पढ़ें: क्या सच में 2 लाख का हो जाएगा iPhone? Donald Trump के टैरिफ से कीमतों में लगी आग!
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

