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Infra.Market ने प्री-IPO फंडिंग में $121 मिलियन जुटाए; B2B स्टार्टअप की वैल्यूएशन $2.8 बिलियन

इंफ्रा.मार्केट ने अपनी नियोजित शेयर बाजार लिस्टिंग से पहले $121 मिलियन जुटाए हैं, जिससे इसकी वैल्यूएशन $2.8 बिलियन हो गई है. कंपनी अब IPO के जरिए $500-700 मिलियन जुटाने की तैयारी कर रही है.

Infra.Market
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

इंफ्रा.मार्केट, जो कंस्ट्रक्शन मटीरियल्स के लिए एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, ने अपनी नियोजित शेयर बाजार लिस्टिंग से पहले $121 मिलियन (लगभग ₹1,050 करोड़) जुटाए हैं. यह जानकारी कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग में दी गई है.

इस फंडिंग में टाइगर ग्लोबल, एवॉल्वेंस, फाउंडामेंटल GmbH, ज़ेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत और कैप्री ग्लोबल जैसे मौजूदा निवेशकों ने हिस्सा लिया.

मुंबई स्थित यह कंपनी अब $2.8 बिलियन (₹24,147 करोड़) की वैल्यूएशन पर पहुंच गई है. पिछले साल, कंपनी ने मार्स यूनिकॉर्न फंड से $50 मिलियन जुटाए थे, जिससे इसकी वैल्यूएशन $2.5 बिलियन हो गई थी.

IPO की तैयारी

कंपनी ने कोटक महिंद्रा कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स, जेफरीज़ और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल जैसे निवेश बैंकों को IPO के लिए नियुक्त किया है. इसके जरिए कंपनी $500-700 मिलियन जुटाने का लक्ष्य रखती है.

12 दिसंबर को, इंफ्रा.मार्केट की प्रतिद्वंद्वी कंपनी ज़ेटवर्क ने सिलिकॉन वैली स्थित खोसला वेंचर्स और इंडिगो एयरलाइन के फाउंडर राकेश गंगवाल के नेतृत्व में $100 मिलियन जुटाए. इसके अलावा, यूके स्थित फंड बेली गिफर्ड ने भी ज़ेटवर्क में निवेश किया.

इंफ्रा.मार्केट का विस्तार

2016 में स्थापित इंफ्रा.मार्केट के संस्थापक सौविक सेनगुप्ता और आदित्य शारदा हैं. एक्सेल द्वारा समर्थित यह कंपनी कंक्रीट, स्टील, पाइप्स, फिटिंग्स, प्लाईवुड, पंखे, लाइट्स, और किचन व इलेक्ट्रिकल उपकरण जैसे निर्माण सामग्री रियल एस्टेट डेवलपर्स, ठेकेदारों और आर्किटेक्ट्स को सप्लाई करती है.

कंपनी भारत के 20 राज्यों में अपने उत्पाद वितरित करती है और दुबई, सिंगापुर और इटली को निर्यात करती है. इसके पास 260 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनमें से 200 से ज्यादा कंक्रीट उत्पादन पर केंद्रित हैं.

2024 में कंपनी का राजस्व ₹14,530 करोड़ रहा

वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी का राजस्व ₹14,530 करोड़ रहा, जो वित्तीय वर्ष 2023 के ₹11,846 करोड़ से अधिक था. इसका शुद्ध लाभ (PAT) पिछले वर्ष की तुलना में 2.4 गुना बढ़कर ₹378 करोड़ हो गया.

एक अन्य कंपनी, एरिस इंफ्रा, जो निर्माण सामग्री खरीदारी के लिए एक टेक्नोलॉजी-समर्थित प्लेटफॉर्म है, ने भी प्री-IPO फंडिंग में ₹80 करोड़ जुटाए. इस फंडिंग का नेतृत्व परम कैपिटल के संस्थापक मुकुल अग्रवाल ने किया. उनके साथ सिंगुलैरिटी वेंचर्स और सूर्यदय ट्रस्ट के संस्थापक सुंदर अय्यर ने भी निवेश किया.


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-भारत एक्सप्रेस



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