भारत की अवसंरचना उत्पादन, जो आठ क्षेत्रों में गतिविधियों को ट्रैक करती है और देश के औद्योगिक उत्पादन का 40% हिस्सा है, मार्च में साल दर साल 3.8% बढ़ी. यह वृद्धि स्टील और सीमेंट उत्पादन में मजबूत वृद्धि के कारण हुई.
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में अवसंरचना उत्पादन में 3.4% की वृद्धि हुई थी, जो प्रारंभिक अनुमान 2.9% से अधिक थी.
आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (Index of Core Industries) इन उद्योगों के उत्पादन की संयुक्त और व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली.
मार्च में सीमेंट उत्पादन में 11.6% की वृद्धि हुई, जबकि फरवरी में यह 10.8% रही थी. स्टील उत्पादन में 7.1% की वृद्धि हुई, जो फरवरी में 6.9% थी. कोयला उत्पादन, जिसका कुल वजन 10.33% है, मार्च 2025 में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 1.6% बढ़ा. वहीं, कच्चे तेल का उत्पादन 1.9% घटा.
उर्वरक उत्पादन, जिसका वजन 2.63% है, मार्च में 8.8% बढ़ा, जबकि फरवरी में यह 10.2% था. बिजली उत्पादन मार्च में 6.2% बढ़ा, जो फरवरी में 3.6% था. रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 0.2% बढ़ा, जो फरवरी में 0.8% था.
कच्चे तेल का उत्पादन मार्च में 1.9% घटा, जो फरवरी में 5.2% घटा था. प्राकृतिक गैस उत्पादन में 12.7% की गिरावट आई, जो फरवरी में 6% थी. वित्तीय वर्ष 2024-25 में अवसंरचना उत्पादन 4.4% बढ़ा.
-भारत एक्सप्रेस
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