Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

महाकुंभ 2025 के कारण भारत में आध्यात्मिक पर्यटन वीजा आवेदनों में 21.4% की बढ़ोतरी हुई: रिपोर्ट

भारत में आध्यात्मिक पर्यटन में 21.4% की वृद्धि हुई है, जिसमें महाकुंभ और अन्य धार्मिक त्योहारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह वृद्धि विशेष रूप से अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से आध्यात्मिक पर्यटकों की बढ़ती संख्या से प्रेरित है.

Mahakumbh 2025
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

आधुनिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आध्यात्मिक उद्देश्यों के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में 21.4% की बढ़ोतरी हुई है. यह जानकारी प्रमुख वीजा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलीस ने दी है. इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण महाकुंभ और अन्य बड़े धार्मिक त्योहार हैं, जो हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 48% आध्यात्मिक यात्रा वीजा आवेदन बड़े आयोजनों और तीर्थयात्राओं, जैसे महाकुंभ से जुड़े हैं. वर्तमान में चल रहा महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है. इसमें अनुमानित 4.2 करोड़ श्रद्धालु शामिल होंगे. यह आयोजन हर 144 साल में एक बार होता है और भारत की गहरी आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अनोखा अवसर प्रदान करता है.

अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से पर्यटकों की बढ़ती संख्या

अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से आध्यात्मिक पर्यटकों की संख्या में भी कई गुना वृद्धि हुई है. ये पर्यटक प्रामाणिक और जीवन को बदलने वाले अनुभवों की तलाश में भारत आते हैं. इस बदलाव में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है. रिपोर्ट के अनुसार, मिलेनियल आध्यात्मिक यात्रियों में 66% महिलाएं हैं. युवा पीढ़ी पारंपरिक पर्यटन से हटकर आध्यात्मिक और अर्थपूर्ण यात्राओं को प्राथमिकता दे रही है. यह यात्रा करने वाले लोगों के स्वरूप में बड़े बदलाव का संकेत है.

एक और नई प्रवृत्ति समूह में आध्यात्मिक यात्रा करने की बढ़ती रुचि है. समूह यात्रा के लिए वीज़ा आवेदनों में 35% की वृद्धि देखी गई है. समूह यात्रा के दौरान पर्यटक समान विचारधारा वाले लोगों के साथ धार्मिक स्थलों पर परंपराओं और रीति-रिवाजों में हिस्सा लेते हैं और एक सामुदायिक अनुभव का आनंद लेते हैं.

भारत में आध्यात्मिक पर्यटन में लगातार वृद्धि

पिछले कुछ वर्षों में भारत में आध्यात्मिक पर्यटन में लगातार वृद्धि हो रही है. वाराणसी और ऋषिकेश जैसे स्थानों ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई है. ये स्थान विदेशी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं. गंगा के किनारे ध्यान करना, शाम की आरती देखना और ऐतिहासिक घाटों पर समय बिताना पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है.

आध्यात्मिक पर्यटकों के निरंतर आगमन को ध्यान में रखते हुए, प्रमुख तीर्थ स्थलों के आसपास के बुनियादी ढांचे और आवास में सुधार किया गया है. इन विकास कार्यों से पर्यटकों के लिए यात्रा को अधिक आरामदायक और सुलभ बनाया गया है.

महाकुंभ जैसे आयोजनों से रिकॉर्ड संख्या में भीड़ जुटने और भारत की आध्यात्मिक विरासत में बढ़ती वैश्विक रुचि के साथ, भारत आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. बेहतर बुनियादी ढांचे और यात्रा के बदलते रुझानों के चलते भारत आने वाले वर्षों तक आध्यात्मिक यात्राओं का केंद्र बना रहेगा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital