(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह के अनुसार, चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल के बीच भारत वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति के रूप में उभरने के लिए अद्वितीय रूप से तैयार है. समूह की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अनीश शाह ने कहा कि अपने बढ़ते बुनियादी ढांचे, युवा वर्कफोर्स और अनुकूल नीतियों के साथ, विनिर्माण में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए भारत के पास पहले से कहीं अधिक अवसर हैं.
एमडी अनीश शाह ने कहा, “वर्तमान भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य चुनौतीपूर्ण है, महाद्वीपों में लगातार प्रतिकूल परिस्थितियां हैं. फिर भी भारत वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति के रूप में उभरने के लिए अद्वितीय रूप से तैयार है.” उन्होंने कहा कि मुंबई में मुख्यालय वाला महिंद्रा समूह वैश्विक रूप से मान्यता प्राप्त ब्रांड बनने की आकांक्षा रखता है और उसने महत्वपूर्ण प्रगति की है.
उन्होंने कहा, “80 वर्षों में महिंद्रा अपने मूल्यों में गहराई से जुड़ा हुआ है और वैश्विक अनिश्चितता के बीच भी प्रदर्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है. हमारी वृद्धि भारत की कहानी से प्रेरित है. हम देश के सकल घरेलू उत्पाद के 70 प्रतिशत में काम करते हैं और हम इस गतिशील अर्थव्यवस्था द्वारा पेश किए जाने वाले अवसरों के साथ जुड़े हुए हैं.”
कंपनी के विकास के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं
व्यवसाय के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी के विकास के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, अपने-अपने बाजारों में मजबूत उपस्थिति स्थापित कर रहे हैं और 5 गुना वृद्धि के वादे को पूरा करने के लिए अच्छी तरह से ट्रैक पर हैं. अनीश शाह ने कहा, “हमारा लाइफस्पेस बिजनेस पर्यावरण अनुकूल भवनों का विकास कर रहा है, सस्टेन और हमारा नवीकरणीय इनविट नवीकरणीय ऊर्जा में परिवर्तन को आगे बढ़ा रहा है, जबकि हमारा अंतिम मील गतिशीलता उद्यम शहरों में प्रदूषण को कम करने के लिए यात्री और कार्गो 3-पहिया वाहनों के विद्युतीकरण को आगे बढ़ा रहा है.”
उन्होंने कहा कि महिंद्रा लॉजिस्टिक्स और क्लब महिंद्रा अधिक ग्राहक मूल्य प्रदान कर रहे हैं, जबकि ट्रक और बसें और एयरोस्ट्रक्चर और भी अधिक आक्रामक विकास पथ पर अग्रसर हैं. इसके अतिरिक्त, समूह के उभरते विकास रत्न (एसेलो, क्लासिक लीजेंड्स, कार और बाइक) मूल्य बनाने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं.
अनीश शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 25 महिंद्रा समूह के लिए एक असाधारण वर्ष रहा, जो व्यवसायों में मजबूत, व्यापक-आधारित विकास और शानदार निष्पादन को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि राजस्व में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,59,211 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि कर के बाद लाभ (पीएटी) 20 प्रतिशत बढ़कर 12,929 करोड़ रुपये हो गया.
उन्होंने कहा, “हमारे ऑटो और कृषि क्षेत्र (बिजनेस वर्टिकल) ने बाजार हिस्सेदारी हासिल करना जारी रखा, अपनी लाभप्रदता का विस्तार किया और अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत किया. हमारी इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी का लॉन्च गुणवत्ता मानकों को फिर से परिभाषित करता है और भारत की ईवी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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