पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार के मंत्रालयों ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) से खरीद के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है. तय लक्ष्य से 94% ज़्यादा खरीद की गई.
MSME मंत्रालय के ‘संबंध’ पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, जिन मंत्रालयों के लिए कम से कम ₹100 करोड़ की MSE खरीद का लक्ष्य तय किया गया था, उन्होंने कुल ₹92,675 करोड़ की खरीदारी की. जबकि उनका तय लक्ष्य ₹47,676.88 करोड़ था. इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में इन मंत्रालयों ने MSEs से ₹73,800 करोड़ की खरीद की थी.
कौन रहा आगे, कौन पीछे?
सबसे अधिक खरीद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने की. उसने ₹31,304 करोड़ की खरीदारी की. इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने ₹13,039 करोड़ और विद्युत मंत्रालय ने ₹11,584 करोड़ की खरीद की.
हालांकि कुछ मंत्रालय अपने तय लक्ष्य से काफी पीछे रह गए. वित्त मंत्रालय ने सिर्फ 58% लक्ष्य हासिल किया. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय महज 19.60% तक ही पहुंच सका. वहीं, अंतरिक्ष विभाग ने तो सिर्फ 2.30% लक्ष्य ही पूरा किया.
प्रतिशत के लिहाज से कौन बना चैंपियन?
जहां तक प्रतिशत में प्रदर्शन की बात है, सबसे आगे शिपिंग मंत्रालय रहा. इसने अपने लक्ष्य से 300% ज़्यादा खरीद की. इसके बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने 173% और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 148% ज़्यादा खरीद की.
यह आंकड़े दिखाते हैं कि कई मंत्रालयों ने MSEs को बढ़ावा देने में बड़ा योगदान दिया है, हालांकि कुछ को अब भी सुधार की ज़रूरत है.
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-भारत एक्सप्रेस
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