Mutual Funds Equity Investment: पिछले महीने म्यूचुअल फंड्स (MFs) ने शेयर बाजार में जमकर निवेश किया. अक्टूबर में जहां नेट इक्विटी निवेश ₹20,718 करोड़ था, वहीं नवंबर में यह बढ़कर ₹43,465 करोड़ हो गया. यानी निवेश लगभग दोगुना हो गया.
लगातार खरीदारी से बाजार में तेजी
SEBI के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में ज्यादातर दिनों MFs खरीदार रहे. सिर्फ दो दिन उन्होंने ₹2,473 करोड़ निकाले. इस लगातार खरीदारी ने बाजार का मूड बेहतर किया और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों चढ़ गए. सेंसेक्स 1,729 अंक यानी 2% बढ़कर 85,707 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 440 अंक बढ़कर 26,203 पर बंद हुआ. हालांकि, MFs ने डेट सेगमेंट में ₹72,201 करोड़ की बिकवाली की.
FPI ने निकाला पैसा
जहां MFs ने बाजार में जोश भर दिया, वहीं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने नवंबर में ₹3,765 करोड़ निकाले. अक्टूबर में उन्होंने ₹14,610 करोड़ का निवेश किया था.
SIP और IPO का असर
फिसडम के रिसर्च हेड निरव करकेरा ने कहा कि खुदरा निवेशक लगातार मजबूत बने हुए हैं. IPO मार्केट भी तेज़ी में है, जिससे नई और बड़ी कंपनियां लिस्टिंग कर रही हैं. SIP यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान ने भी इक्विटी फ्लो को मजबूत किया है.
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निवेशकों का भरोसा
कोटक महिंद्रा AMC के निलेश शाह ने कहा कि SIP से आने वाला पैसा जारी रहेगा क्योंकि निवेशकों का अनुभव अच्छा रहा है और अगले साल कॉर्पोरेट कमाई में सुधार की उम्मीद है. वहीं प्रभुदास लीलाधर AMC के आर्चित दोशी ने बताया कि पिछले साल 40% फंड्स ने SIP से 15% से ज्यादा रिटर्न दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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