Harvard India Conference 2025: नीता अंबानी ने आज हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2025 में अपने जीवन के सबसे बड़े योगदानों को साझा किया. उन्होंने अपने तीन बच्चों की परवरिश को सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में बताया, जो न केवल अच्छे विद्यार्थी बने बल्कि अत्यंत दयालु और सहानुभूति से भरे हुए लोग हैं. इसके साथ ही, उन्होंने अपनी स्कूलों से 75,000 बच्चों की स्नातक शिक्षा की बात की, जो उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं में सीखने और बढ़ने के बाद समाज में योगदान दे रहे हैं.
उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी सबसे बड़ी सफलता उन संस्थाओं को बनाना है जो भविष्य में लोगों की जिंदगी बदलने का काम करेंगी. इन संस्थाओं के माध्यम से वह एक ऐसी स्थायी विरासत स्थापित करना चाहती हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने. उनके अनुसार, बच्चों को एक अच्छे माहौल और शिक्षा का अवसर देना देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है.
At the Harvard India Conference, Reliance Foundation Founder & Chairperson, Mrs. Nita Ambani shared what she considered her greatest achievements: raising three kind and compassionate children; nurturing 75,000 children who have graduated from her schools; and creating timeless… pic.twitter.com/VpFQHDtaal
— Reliance Foundation (@ril_foundation) February 20, 2025
नीता अंबानी का यह संबोधन न केवल शिक्षा के महत्व को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि बच्चों को जीवन के मूल्यों जैसे कि दया, सहानुभूति और जिम्मेदारी सिखाना कितना महत्वपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना है कि भारत में हर बच्चा अपने सपनों को पूरा कर सके और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभा सके.
Students shared their excitement, learnings, and key takeaways from Reliance Foundation Founder & Chairperson, Mrs. Nita Ambani’s powerful keynote at the Harvard India Conference 2025.#NitaAmbani #HarvardIndiaConference #EmpoweringYoungMinds #FutureLeaders pic.twitter.com/ONmevgagC3
— Reliance Foundation (@ril_foundation) February 20, 2025
नीता अंबानी के संबोधन ने हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में उपस्थित छात्रों को प्रेरणा दी. कई छात्रों ने इस प्रेरणादायक संबोधन को लेकर अपनी उत्सुकता और खुशी साझा की. उन्होंने नीता अंबानी से मिले अनुभवों को अपने भविष्य के लिए एक मार्गदर्शन बताया और बताया कि कैसे उनकी शिक्षा और दृष्टिकोण ने उनके जीवन को सकारात्मक दिशा दी. यह संबोधन इस बात को साबित करता है कि अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन और मूल्य मिले, तो वे अपने देश और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान कर सकते हैं.
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