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Crisil ने अडानी ग्रुप की कंपनियों की मजबूत क्रेडिट रेटिंग्स रखी बरकरार, जानिए रिपोर्ट में क्या बताया

क्रिसिल रेटिंग्स की ओर से अडानी ग्रुप की कंपनियों की मजबूत रेटिंग्स को बरकरार रखा गया है. यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई.

क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया, “अडानी ग्रुप के पास मध्यम अवधि में अपने कर्ज को चुकाने और पूंजीगत व्यय की योजना को पूरा करने के लिए पर्याप्त लिक्वीडिटी है.”

हालिया झटकों के बावजूद Crisil का सकारात्मक दृष्टिकोण

अमेरिका में अडानी ग्रुप के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र और उसकी गलत कवरेज के बाद भी एजेंसी द्वारा ग्रुप की सभी कंपनियों को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया हुआ है. क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया कि यह रेटिंग्स कारोबार की मजबूती और वित्तीय जोखिम प्रोफाइल पर आधारित हैं.

Crisil ने अडानी ग्रुप की 28 कंपनियों को दी रेटिंग

क्रिसिल ने कहा कि उसने अडानी ग्रुप की 28 कंपनियों को रेटिंग दी हुई है.  एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में अडानी ग्रुप का एबिटा 82,917 करोड़ रुपये रहा था. ग्रुप का नेट डेट-टू-एबिटा रेश्यो 2.19 है. सितंबर 2024 तक आठ सूचीबद्ध परिचालन संस्थाओं में समूह का नकद शेष 53,000 करोड़ रुपये से अधिक था.

एनर्जी से लेकर पोर्ट तक फैले ग्रुप के इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो पर जोर देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रुप की मजबूत बाजार स्थिति और पूंजीगत व्यय समायोजित करने की क्षमता उसकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाती है.

अमेरिकी में चल रही कानूनी कार्यवाही पर रिपोर्ट में कहा गया कि एजेंसी इस स्थिति पर नजदीक से निगाहें रखे हुए है. नियामक, न्यायिक और सरकार की ओर से आने वाला कोई भी एक्शन ग्रुप की वित्तीय स्थिति और संचालन को प्रभावित कर सकता है.

हमारे दृष्टिकोण में भी कोई बदलाव नहीं:IHC

इससे पहले अबू धाबी के ग्लोबल सॉवरेन फंड इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने गुरुवार को कहा था कि अमेरिका में अडानी ग्रुप के अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के बाद ग्रुप में निवेश पर उनके दृष्टिकोण में कोई बदलाव नहीं आया है.

इसके अतिरिक्त श्रीलंका की पोर्ट अथॉरिटी ने भी अडानी ग्रुप के साथ साझेदारी में विश्वास जताया है. देश के पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में अडानी ग्रुप के इस प्रोजेक्ट का काफी महत्व है.

तंजानिया सरकार भी अडानी पोर्ट्स के साथ अपने समझौतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कह चुकी है, “चल रही परियोजनाओं के बारे में कोई चिंता नहीं है और सभी अनुबंध पूरी तरह से देश के कानून का अनुपालन करते हैं.”

  • भारत एक्सप्रेस
आईएएनएस

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