प्रतीकात्मक चित्र.
इस साल जून से अब तक ओवरसीज कार्ड ऑफ इंडिया (OCI) वाले 19,000 से ज्यादा भारतीय और विदेशी नागरिकों ने भारत के पहले फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है.
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत में यह सेवा सिर्फ दिल्ली एयरपोर्ट पर उपलब्ध थी, लेकिन अब यह सेवा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोचीन और अहमदाबाद सहित 31 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक विस्तारित की गई है.
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रोग्राम अमेरिका के वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम (US Global Entry Scheme) की तरह ही है, लेकिन इसे भारतीय जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है. यह पहल अमेरिका द्वारा भारत को अपने विश्वसनीय यात्री कार्यक्रम में शामिल करने के प्रस्ताव के बाद की गई है.
यूएस ग्लोबल एंट्री वैध दस्तावेजों के साथ अमेरिका में प्रवेश करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रीचेक (Precheck) लाभ और त्वरित यूएस कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन स्क्रीनिंग सेवा प्रदान करता है.
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा शुरू किए गए ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम (GEP) के तहत अगस्त में 1,491 और सितंबर में 515 लोगों को पंजीकृत किया गया. उनका अनुमान है कि वर्ष के अंत तक कुल नामांकन 20,000 से अधिक हो जाएंगे. इस कार्यक्रम में सभी आवेदकों के लिए बायोमेट्रिक जमा करना अनिवार्य है, जिसके बिना नामांकन संभव नहीं है.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मीडिया को बताया, “12 से 18 वर्ष के बीच के किसी भी व्यक्ति के लिए, माता-पिता या अभिभावकों की ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से FTI-TTP पंजीकरण कर सकते हैं और 12 वर्ष से कम या 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग इस योजना के लिए योग्य नहीं हैं. पंजीकरण प्रक्रिया में आमतौर पर एक महीने का समय लगता है और फील्ड एजेंसियों द्वारा वेरीफाई किया जाता है.”
इस कार्यक्रम ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों, OCI कार्ड धारकों, अधिक नेटवर्थ वाले व्यक्तियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और व्यापारियों को आकर्षित किया है. अधिकारियों की रिपोर्ट है कि ई-गेट्स (e-Gates) ने यात्रियों के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस में 60-65% की तेजी आई है.
कार्यक्रम के अनुसार, “पात्र व्यक्ति फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. स्वीकृत आवेदन वाले लोगों को भारत में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों या विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालयों में अपने बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और चेहरे की फोटो) जमा करने के लिए कहा जाता है.” पंजीकरण की वैधता पांच साल या पासपोर्ट की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, तक बढ़ाई जाती है.
एक अन्य अधिकारी ने बताया, “FTI-TTP का उद्देश्य तेज, सहज, सुरक्षित इमीग्रेशन मंजूरी के साथ अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को सुविधाजनक बनाना है. शुरुआती चरण में इसे भारतीय नागरिकों और ओसीआई कार्डधारकों के लिए निःशुल्क आधार पर शुरू किया गया है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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