PM Modi Meets Rolls Royce CEO: भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. बुधवार को पीएम मोदी ने लग्जरी कार और एयरो-इंजन बनाने वाली दिग्गज ब्रिटिश कंपनी रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिच से मुलाकात की. इस मुलाकात में कंपनी ने भारत को अपना ‘घरेलू बाजार’ बनाने और यहां अपनी गतिविधियों को बड़े स्तर पर विस्तार देने की इच्छा जताई है. मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि-
आज रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिच से मिलकर खुशी हुई. हम भारत में अपनी गतिविधियों को विस्तार देने और हमारे नवाचारी व गतिशील युवाओं के साथ साझेदारी करने के लिए रोल्स-रॉयस के उत्साह का स्वागत करते हैं.
भारत में बनेगा सबसे बड़ा सेंटर
रोल्स-रॉयस ने भारत के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है. सीईओ एर्गिनबिलगिच ने पीएम मोदी के साथ चर्चा में बताया कि कंपनी ‘विकसित भारत’ का हिस्सा बनने के लिए तीन बड़े कदम उठाने जा रही है: रोल्स-रॉयस अपने भारत स्थित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) को दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर बनाने जा रही है.
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- जटिल विनिर्माण के क्षेत्र में भारत के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
- उच्च मूल्य वाली इंजीनियरिंग क्षमताओं का विकास भारत के भीतर किया जाएगा.
जल, थल और नभ में साझेदारी
सीईओ एर्गिनबिलगिच ने कहा कि हम भारत को रोल्स-रॉयस का घर बनाने के लिए गहरी महत्वाकांक्षा रखते हैं. वायु, थल और समुद्री क्षेत्रों में हमारी उन्नत तकनीकें भारत को रणनीतिक मजबूती देंगी. कंपनी का लक्ष्य नागरिक उड्डयन, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है. यह कदम ‘इंडिया-यूके विजन 2035’ और हाल ही में हुए भारत-यूके व्यापार समझौतों के अनुरूप है.
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