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भारतीय रियल एस्टेट में 2024 में निजी इक्विटी (PE) निवेश $4.2 बिलियन तक पहुंचा, 32% की वृद्धि

पिछले साल की तुलना में 2024 में निवेशकों ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान दिया. शुरुआती चरण के विकास कार्यों पर ज्यादा निवेश हुआ.

Indian real estate

प्रतीकात्मक चित्र

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइटफ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय रियल एस्टेट में निजी इक्विटी (PE) निवेश $4.2 बिलियन तक पहुंच गया. यह 32% सालाना वृद्धि को दर्शाता है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. इस क्षेत्र में निजी इक्विटी निवेश 104% बढ़कर $1.2 बिलियन तक पहुंच गया. निवेशकों का भरोसा इस क्षेत्र में मजबूत हुआ है, जो एंड-यूज़र डिमांड में लगातार वृद्धि का परिणाम है.

वियरहाउसिंग ने ऑफिस सेक्टर को छोड़ा पीछे

2024 में निवेशकों का फोकस और सेक्टोरल प्राथमिकताएं बदल गईं. वियरहाउसिंग सेक्टर ने ऑफिस सेक्टर को पीछे छोड़ दिया, जो 2017 से PE निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा था. वियरहाउसिंग का यह प्रदर्शन इसे रियल एस्टेट बाजार में निवेश का मुख्य केंद्र बना रहा है.

मुंबई ने 2024 में कुल PE निवेश का 50% हिस्सा हासिल किया. शहर ने $2 बिलियन का निवेश आकर्षित किया. वियरहाउसिंग सेक्टर ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई, जिसमें $1.537 बिलियन (74%) का निवेश हुआ. वहीं, रेजिडेंशियल सेक्टर में $406 मिलियन (20%) का निवेश हुआ.

बेंगलुरु और NCR में भी बड़े निवेश

बेंगलुरु ने 2024 में $833 मिलियन का निवेश आकर्षित किया. इसमें 52% ($430 मिलियन) निवेश ऑफिस सेक्टर में और 48% ($403 मिलियन) रेजिडेंशियल सेक्टर में हुआ.

नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में भी $202 मिलियन का निवेश रेजिडेंशियल सेक्टर में हुआ. हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों में भी महत्वपूर्ण निवेश हुआ.

पिछले साल की तुलना में 2024 में निवेशकों ने निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान दिया. शुरुआती चरण के विकास कार्यों पर ज्यादा निवेश हुआ. यह भारत की बढ़ती मिडिल क्लास, शहरीकरण और आर्थिक स्थिरता के प्रति निवेशकों के सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है.

वियरहाउसिंग सेक्टर में बड़ा उछाल

वियरहाउसिंग सेक्टर ने 2024 में $1.9 बिलियन का निवेश आकर्षित किया. यह 136% की सालाना वृद्धि है. इस क्षेत्र की वृद्धि ई-कॉमर्स उद्योग की तेज़ी से बढ़ती मांग के कारण हुई. मुंबई और चेन्नई को इसका सबसे अधिक लाभ हुआ, जहां अकेले मुंबई ने $1.5 बिलियन का निवेश हासिल किया. पुणे ने भी $52 मिलियन का योगदान दिया.

2024 में यूएई के निवेशकों ने $1.7 बिलियन का निवेश किया. यह कुल PE निवेश का 42% है. भारतीय निवेशक $1.3 बिलियन के साथ दूसरे स्थान पर रहे. सिंगापुर स्थित संस्थानों ने भी रुचि दिखाई और लगभग $633.7 मिलियन का निवेश किया.

-भारत एक्सप्रेस



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