आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा.
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मुंबई से मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बताया कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को 50 बेसिस अंक घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है. यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा. गवर्नर ने कहा, “MPC द्वारा सिफारिश की गई कटौती 50 बेसिस अंकों की है, जिससे रेपो दर अब 5.5 प्रतिशत हो गई है.”
RBI ने रेपो रेट में क्यों की कटौती?
इस कटौती का मुख्य कारण मुद्रास्फीति में नरमी बताया गया है. हाल ही में खुदरा महंगाई दर घटकर 3.16 प्रतिशत पर आ गई है, जो मार्च में 3.34 प्रतिशत थी. यह दर RBI की 4% की सहज सीमा से नीचे है, जिससे यह उम्मीद बनी कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है. रेपो रेट में कटौती से होम लोन के साथ ही अन्य कर्ज सस्ते होंगे.
स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर को घटाकर 5.25 प्रतिशत किया गया है.
मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है.
RBI गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति की 55वीं बैठक 4, 5 और 6 जून को हुई, जिसमें वर्तमान आर्थिक परिदृश्य और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया.
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उन्होंने कहा कि इस वर्ष मुद्रास्फीति के दृष्टिकोण में कमी आई है. वहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर बनी हुई है और कई बहुपक्षीय संस्थाओं ने वैश्विक विकास दर को घटाया है. इसके विपरीत, भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि, मांग और मुद्रास्फीति में स्थिरता देखी जा रही है, जिससे निवेश के बेहतर अवसर बन रहे हैं. इस निर्णय से पहले अप्रैल में हुई पिछली MPC बैठक (7, 8 और 9 अप्रैल) में भी RBI ने रेपो दर में 25 बेसिस अंकों की कटौती की थी, जिससे दर 6.25% से घटाकर 6% की गई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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