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नवंबर में सरपट दौड़ी अर्थव्यवस्था, RBI की रिपोर्ट ने बताया बाजार के जोश का कारण

RBI Bulletin Dec 2025: पूरी दुनिया आर्थिक सुस्ती से डर रही है, लेकिन भारत ने नवंबर में कुछ ऐसा कर दिखाया है कि आरबीआई भी गदगद है. महंगाई और ब्याज दरों को लेकर आई इस खबर ने सबका दिन बना दिया है. जानिए क्या कहते हैं आंकड़े?

RBI Bulletin Dec 2025 Economy Resilient with Robust Demand Amid Low Inflation

RBI Bulletin Dec 2025: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर दी है. दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था नवंबर महीने में भी मजबूती के साथ डटी रही. RBI के दिसंबर बुलेटिन के मुताबिक, देश में चीजों की मांग (Demand) जबरदस्त बनी हुई है. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भी आगाह किया है कि ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन भारत की स्थिति बेहतर है.

शहरों में जमकर हुई खरीदारी

नवंबर में शहरी इलाकों में मांग काफी तेज रही. त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ. जीएसटी (GST) दरों में बदलाव और शादियों के सीजन के कारण कारों (पैसेंजर व्हीकल) की बिक्री पिछले एक साल में सबसे तेज गति से बढ़ी है. वहीं, घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में भी मई 2025 के बाद सबसे बड़ी उछाल देखी गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर नवंबर में केवल 0.7% रही, जो आरबीआई के तय लक्ष्य से काफी नीचे है. यही वजह है कि आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती करते हुए इसे 5.25% कर दिया है. फरवरी से अब तक रेपो रेट में कुल 1.25% की कटौती की जा चुकी है, जिससे लोन की ब्याज दरें कम होने का रास्ता साफ हुआ है.

गांवों में मिला-जुला असर

एक तरफ जहां शहरों में बंपर खरीदारी हो रही है, वहीं गांवों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में थोड़ी सुस्ती के संकेत मिले हैं. हालांकि, रबी की फसल अच्छी होने की उम्मीद और ट्रैक्टरों पर जीएसटी कम होने से ट्रैक्टर की बिक्री बढ़ी है, लेकिन अन्य गाड़ियों की बिक्री में गांवों में गिरावट देखी गई है.

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रुपये और डॉलर का हाल

रिपोर्ट में रुपये की चाल पर भी बात की गई है. नवंबर में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया थोड़ा कमजोर हुआ है. इसके पीछे अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता मुख्य कारण रहे. हालांकि, अन्य बड़ी मुद्राओं की तुलना में भारतीय रुपया फिर भी काफी स्थिर रहा है. आरबीआई का मानना है कि घरेलू मांग के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आगे भी इसके ‘हाई-ग्रोथ’ रास्ते पर बने रहने की उम्मीद है.



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