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कांडला पोर्ट के ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र के लिए भारत में बने Electrolyzers की आपूर्ति शुरू 

भारत में निर्मित इलेक्ट्रोलाइजर्स का उपयोग करते हुए कांडला पोर्ट पर ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र की शुरुआत हुई, जो स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगा.

India-made electrolysers

केंद्रीय मंत्री सारबानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कांडला पोर्ट पर ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र के लिए भारत निर्मित इलेक्ट्रोलाइजर्स की आपूर्ति की शुरुआत की. ANI के अनुसार, यह 1 मेगावॉट (MW) क्षमता वाला संयंत्र जुलाई 2025 तक पूरा होने की योजना है और शुरू में हर घंटे 18 किलो ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा, जो धीरे-धीरे 10 MW क्षमता तक बढ़ेगा.

यह परियोजना ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य रखती है. कांडला पोर्ट भारत का पहला पोर्ट बन जाएगा, जो देश में निर्मित इलेक्ट्रोलाइजर्स का उपयोग करके ऐसा संयंत्र संचालित करेगा.

एलएंडटी ने तीन महीने में इन इलेक्ट्रोलाइजर्स का निर्माण किया. डीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) ने एलएंडटी को इस परियोजना के लिए चुना, उनकी हजीरा में समान परियोजना के अनुभव को देखते हुए. इस संयंत्र का ग्रीन हाइड्रोजन ईंधन कोशिकाओं को शक्ति प्रदान करेगा, जिससे पोर्ट संचालन के लिए स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी. परियोजना में ग्रीन अमोनिया उत्पादन को एकीकृत करने की योजना भी शामिल है, जो राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देती है.

तकनीकी प्रशिक्षण का अवसर

इस संयंत्र का मुख्य उद्देश्य इंजीनियरों और तकनीशियनों को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण और संभालने के पर्यावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुभव देना है. इलेक्ट्रोलाइजर्स ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में महत्वपूर्ण घटक होते हैं और हाइड्रोजन जनरेशन प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं. कांडला पोर्ट पर साइट कार्य पूरा हो चुका है, और अब इन इलेक्ट्रोलाइजर्स के ऑन-साइट असेंबली का कार्य जल्द शुरू होगा, जो संचालन की दिशा में एक कदम होगा.

ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य

संयंत्र का अनुमानित वार्षिक उत्पादन 80-90 टन ग्रीन हाइड्रोजन होगा, जो पोर्ट के भीतर स्वच्छ ऊर्जा समाधान में योगदान देगा. इस सफलता के साथ, डीपीए कांडला भारत में टिकाऊ पोर्ट संचालन के क्षेत्र में अग्रणी बन जाएगा. भारत में निर्मित इलेक्ट्रोलाइजर्स का उपयोग ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देता है, जिससे स्थानीय निर्माण और तकनीकी प्रगति को भी बल मिलता है.

कांडला पोर्ट में ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र का उद्घाटन भारत की ऊर्जा रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसे विश्वस्तरीय पोर्ट संचालन में प्रमुख योगदान मिलेगा. – सारबानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्री

-भारत एक्सप्रेस



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