Bharat Express DD Free Dish

पीएम मोदी से मिले टेक दिग्गज, Intel और Cognizant India ने की लाखों करोड़ के इन्‍वेस्‍टमेंट की घोषणा

आज Intel और Cognizant के सीईओ पीएम मोदी से मिले. दोनों ने भारत में निवेश के अवसरों पर प्रतिबद्धता जताई. ये वो कंपनियां हैं, जिनसे समझौते हुए तो देश में सेमीकंडक्टर और एआई क्षेत्र में गहरा सहयोग बढ़ेगा.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दो बड़े टेक दिग्गजों के साथ बैठक की. Intel के सीईओ लिप-बू तान और Cognizant के सीईओ रवि कुमार एस के साथ ये बातचीत हुई. Cognizant इंडिया के चेयरमैन राजेश वरियर भी मौजूद थे. इन बैठकों से भारत की तकनीकी दुनिया में नई उम्मीदें जगी हैं.

पीएम मोदी ने इन कंपनियों के साथ भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर और एआई हब बनाने पर जोर दिया. ये बैठकें भारत की डिजिटल क्रांति को तेज करने का संकेत हैं.

Intel CEO के साथ सेमीकंडक्टर पर गहन चर्चा

पीएम मोदी ने Intel के सीईओ लिप-बू तान से नई दिल्ली में मुलाकात की. तान ने मार्च 2025 से Intel की कमान संभाली है. उन्होंने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना सम्मान की बात थी. हमने तकनीक, कंप्यूटिंग और भारत की क्षमता पर विस्तार से बात की.” ये बैठक Intel और टाटा ग्रुप के 14 अरब डॉलर के चिप निर्माण गठबंधन के ठीक बाद हुई. Intel ने भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को पूरा समर्थन देने का वादा किया. ये मिशन 2021 में शुरू हुआ था और 76,000 करोड़ रुपये का है. कंपनी भारत में लंबे समय के निवेश बढ़ाएगी. इससे एआई पीसी समाधान मजबूत होंगे और सप्लाई चेन सुरक्षित बनेगी. भारत अब ताइवान और चीन पर निर्भरता कम कर सकेगा.

Cognizant का एआई और शिक्षा पर फोकस

Cognizant के सीईओ रवि कुमार एस और चेयरमैन राजेश वरियर ने पीएम मोदी से एआई अपनाने और शिक्षा पर चर्चा की. कंपनी ने ट्वीट में कहा, “हमारे सीईओ और चेयरमैन ने प्रधानमंत्री से प्रेरणादायक बातचीत की. एआई को तेजी से अपनाने और शिक्षा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया.” रवि कुमार को 2025 का प्रवासी भारतीय सम्मान मिला है. Cognizant भारत में 2.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के साथ काम कर रही है. कंपनी टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार करेगी. इससे आर्थिक समावेशन बढ़ेगा. भारत एआई मिशन 2024 के साथ जुड़कर कंपनी 1 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करेगी. भारत वैश्विक एआई प्रतिभा केंद्र बनेगा.

भारत की तकनीकी उड़ान में नया आयाम

ये निवेश भारत को वैश्विक चिप इकोसिस्टम और एआई क्षेत्र में मजबूत बनाएंगे. नीति स्थिरता, कुशल युवा और आत्मनिर्भरता पर फोकस से कंपनियां आकर्षित हो रही हैं. पीएम मोदी की अगुवाई में भारत तकनीकी विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा. ये कदम नौकरियों को बढ़ाएंगे और अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे. कुल मिलाकर, ये बैठकें भारत के भविष्य के लिए सकारात्मक संदेश हैं.

सत्या नडेला का AI फ्यूचर पर बड़ा दांव, Microsoft करेगी भारत में 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read