वॉलमार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डग मैकमिलन ने घोषणा की है कि कंपनी भारत से 10 अरब डॉलर के सामान की सोर्सिंग के अपने लक्ष्य को समय पर हासिल करने की दिशा में अग्रसर है. यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य भारत के साथ वॉलमार्ट के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मैकमिलन ने हाल ही में भारत यात्रा के दौरान कहा कि कंपनी भारतीय निर्यातकों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ाई जा सके.
वॉलमार्ट भारत में डिजिटल क्षेत्र में भी निवेश बढ़ा रहा है. कंपनी फ्लिपकार्ट के माध्यम से भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है और छोटे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए कई पहल शुरू की हैं. मैकमिलन ने बताया कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप पारिस्थितिकी में अपार संभावनाएं हैं, जिनका लाभ वॉलमार्ट उठाना चाहता है.
इसके अलावा, वॉलमार्ट भारतीय किसानों और छोटे उद्यमियों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान कर रहा है. कंपनी ने स्थानीय उत्पादों जैसे मसाले, कपड़े और हस्तशिल्प को अपने वैश्विक स्टोर्स में शामिल करने पर जोर दिया है. मैकमिलन ने भारत सरकार की नीतियों की सराहना की, जिन्होंने विदेशी निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद की है.
इस पहल से न केवल भारत से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. वॉलमार्ट की यह रणनीति भारत को अपनी वैश्विक आपूर्ति शृंखला का एक अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
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