सोने की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. बीते 40 दिनों में 10 बार ऐसा हुआ जब सोने ने अपने ही पुराने ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड को तोड़ दिया. सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में अप्रैल डिलीवरी वाले अनुबंध का भाव 85,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है. इस साल अब तक सोने ने 10 नए ऑल टाइम हाई के रिकॉर्ड बनाए हैं और इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत 2,886 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है. भारतीय बाजार में भी सोना 85,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है, जो इस साल अब तक 11% से ज्यादा की बढ़त को दर्शाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है और सोने की कीमत 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना है. इस बढ़ोतरी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, महंगाई का डर, व्यापार युद्ध (Trade War) और केंद्रीय बैंकों द्वारा भारी मात्रा में की जा रही सोने की खरीदारी शामिल है.
डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का असर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों और आर्थिक फैसलों की वजह से बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है. उनकी व्यापारिक नीतियां और संभावित मुद्रास्फीति (inflation) सोने की कीमतों को समर्थन दे रही हैं. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद उनकी नीतियों ने सोने की कीमतों को और ऊपर ले जाने में मदद की है.
ट्रंप ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का प्रस्ताव रखा है, जिससे अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज बढ़ सकता है और महंगाई में इजाफा हो सकता है. इसके अलावा, उन्होंने चीन और अन्य देशों पर भारी टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा हो गई है. उन्होंने फेडरल इनकम टैक्स हटाने और पुराने टैक्स ढांचे को फिर से लागू करने की बात भी कही है. यदि ऐसा होता है, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं.
केंद्रीय बैंक जमकर खरीद रहे हैं सोना
ट्रंप की व्यापार नीतियों और टैरिफ बढ़ाने की धमकी के कारण न्यूयॉर्क के व्यापारी लंदन से भौतिक सोने (Physical Gold) की डिलीवरी मांग रहे हैं. जनवरी 2025 तक न्यूयॉर्क के Comex एक्सचेंज में 393 टन सोना आयात किया गया, जिससे वहां का सोने का स्टॉक बढ़कर 82 अरब डॉलर तक पहुंच गया.
इसके अलावा, भारत और अन्य एशियाई देशों के केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी में सबसे आगे हैं. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2024 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने लगातार तीसरे साल 1,000 टन से ज्यादा सोने की खरीदारी की. भारत ने 2024 में 73 टन सोना खरीदा, जिससे देश के कुल सोने का भंडार 876 टन हो गया. वहीं, चीन ने पिछले तीन सालों में 331 टन सोना खरीदा, जिससे उसका कुल भंडार बढ़कर 2,279 टन तक पहुंच गया.
क्या सोने की कीमतें और बढ़ेंगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बनी रहती है और महंगाई दर बढ़ती है तो सोने की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है. निवेशक भी इसे सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven) मानकर इसमें निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो जल्द ही सोना 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है और वैश्विक बाजार में 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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