आनन्द मिश्रा/बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत तुगुवा की शासकीय माध्यमिक शाला(Government School Tuguwa) इन दिनों शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही है. यह विद्यालय अब सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनता जा रहा है. यहां नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा और रोजगार-मुखी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इसको लेकर अब यह स्कूल चर्चा में आ गया है और लोग कहते नजर आ रहे हैं कि ये सरकारी स्कूल किसी प्राइवेट से कम नहीं.
जानिए क्यों चर्चा में आया यह स्कूल?
दरअसल, शासकीय माध्यमिक शाला तुगुवा के विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की शिक्षा और रोजगार-मुखी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. शिक्षकों द्वारा अपनाई गई आधुनिक और प्रभावी शिक्षण पद्धति किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. विद्यालय का स्वच्छ और अनुशासित वातावरण छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहा है. इस सकारात्मक बदलाव का असर साफ तौर पर बच्चों की सीखने की रुचि और व्यवहार में देखा जा सकता है.
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
विद्यालय की इस कार्यप्रणाली से अभिभावक भी बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसी व्यवस्था शासकीय विद्यालयों में स्थायी रूप से लागू हो जाए, तो निजी विद्यालयों की आवश्यकता ही नहीं रहेगी. वहीं विद्यालय के प्रयासों की सराहना जिला प्रशासन भी कर रहा है.
डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने भी सराहा
जिला शिक्षाधिकारी का कहना है कि शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण,रोजगार-मुखी और नैतिक शिक्षा देकर सराहनीय कार्य कर रहे हैं. तुगुवा की यह शासकीय शाला अब अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणा बनती जा रही है, और यह साबित कर रही है कि सही सोच और समर्पण से सरकारी स्कूल भी बदलाव की कहानी लिख सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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