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उद्धव से लेकर आदित्य ठाकरे तक… आखिर 6 साल बाद क्यों जागी CBI? जानिए किस पर क्या आरोप?

Disha Salian Death Case Update: दिशा सालियान की मौत के मामले में 6 साल बाद CBI ने FIR दर्ज की है. दर्ज FIR में किस-किस का नाम शामिल है और कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?

Why did the CBI register an FIR after six years?

CBI ने छह साल बाद क्यों दर्ज की FIR?

Disha Salian Death Case Update: सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रह चुकीं दिशा सालियान की मौत के मामले में छह साल बाद CBI ने FIR दर्ज की है. यह कदम दिशा के पिता सतीश सालियान की याचिका पर उठाया गया. बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को इस केस की जांच CBI को सौंपी थी और कहा था कि एजेंसी वरिष्ठ अधिकारियों को जांच के लिए नियुक्त करे.

किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?

CBI ने केस को हाथ में लेते ही IPC की कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया. इनमें धारा 120-B (आपराधिक साजिश), धारा 376(D) (सामूहिक बलात्कार), धारा 302 (हत्या), धारा 201 (सबूत मिटाना), धारा 217 (सरकारी कर्मचारी द्वारा कानून की अवहेलना) और धारा 218 (गलत रिकॉर्ड तैयार करना) शामिल हैं. एजेंसी का कहना है कि जांच में गैंगरेप, हत्या, सबूत नष्ट करने और आरोपियों को बचाने की कोशिश जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी.

FIR में किसका-किसका नाम दर्ज?

इस FIR में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे, पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, रिया चक्रवर्ती, पूर्व पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह, अभिनेता सूरज पंचोली और सचिन वाझे समेत 10 से ज्यादा लोगों के नाम शामिल हैं.

  • उद्धव ठाकरे पर आरोप है कि उन्होंने केस को दबाने की कोशिश की.
  • आदित्य ठाकरे पर आत्महत्या की झूठी कहानी फैलाने और केस को दबाने का आरोप है.
  • रिया चक्रवर्ती पर सच छिपाने और गलत नैरेटिव बनाने का आरोप है.
  • अनिल देशमुख पर सबूत नष्ट कराने की साजिश का आरोप है.
  • परमबीर सिंह पर रिकॉर्ड में हेरफेर करने का आरोप है.
  • सूरज पंचोली और सचिन वाझे पर साजिश और सबूत मिटाने के आरोप लगे हैं.

दिशा सालियान की मौत पर सवाल

8 जून 2020 को मलाड की एक ऊंची इमारत से गिरकर दिशा की मौत हुई थी. उस समय पुलिस ने इसे एक्सीडेंटल डेथ और आत्महत्या बताया था. लेकिन दिशा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप हुआ और उसके बाद हत्या की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी कोर्ट के आदेश के बाद ही परिवार को दी गई.

मामले में क्यों जरूरी हुई FIR?

सतीश सालियान ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन जांच पांच साल तक खिंचती रही. उनका कहना था कि केस को जानबूझकर दबाया गया और सच सामने नहीं आने दिया गया. इसी वजह से उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

ये भी पढ़ें-दिशा सालियान केस में नया मोड़, 8 जून की रात आखिर क्या हुआ था? CBI खोलेगी राज, FIR में कई बड़ा नाम

अब आगे क्या होगा?

अब CBI इस FIR को आधार बनाकर जांच शुरू करेगी. कोर्ट ने साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी. फिलहाल एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर सकती है. जांच पूरी होने पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी और उसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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