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नशे में धुत पवन सिंह ने मनाया जन्मदिन! चाचा की साइकिल से शुरू हुआ सफर, आज भोजपुरी का सबसे बड़ा ‘पावर स्टार’

Pawan Singh Birthday: भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह का जन्मदिन आज खास है. जोकहरी गांव से शुरू हुआ उनका सफर संघर्ष, संगीत और स्टारडम की मिसाल है. ‘लॉलीपॉप लागेलू’ से लेकर 150 से ज्यादा फिल्मों तक, यह कहानी प्रेरणा से भरी है.

Pawan Singh Birthday: भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह आज अपना 40वां जन्मदिन मना रहे हैं. बिहार के भोजपुर जिले की गलियों से निकलकर उन्होंने अपनी आवाज और अंदाज से करोड़ों दिलों को जीत लिया. जिस बच्चे ने कभी चाचा की साइकिल पर बैठकर गांव-गांव गाना शुरू किया था, वही आज भोजपुरी इंडस्ट्री का सबसे चमकता सितारा बन चुका है. उनका सफर संघर्ष, संगीत और स्टारडम की प्रेरक कहानी है.

नशे में धुत पवन सिंह?

वायरल वीडियो में पवन सिंह नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस वीडियो को लेकर अलग-अलग यूजर्स अपनी राय दे रहे हैं. कुछ लोग नाराजगी जता रहे हैं तो वहीं कई प्रशंसक अपने पसंदीदा स्टार के जन्मदिन का जश्न मनाते नजर आ रहे हैं. वीडियो में पवन सिंह इतने नशे में दिख रहे हैं कि वे ठीक से केक भी नहीं काट पा रहे हैं.

छोटे गांव से लेकर बड़े शहर का सफर

भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के भोजपुर जिले के जोकहरी गांव में हुआ था. उनके पिता खेती-किसानी करते थे और घर की आर्थिक स्थिति साधारण थी. सीमित साधनों के बीच उनका बचपन गुजरा लेकिन संगीत के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि कठिन हालात भी उनकी रुचि को रोक नहीं पाए.

संगीत यात्रा की शुरुआत

पवन सिंह की कला को सबसे पहले उनके चाचा अजीत सिंह ने पहचाना. खुद गायक होने के कारण अजीत सिंह ने उन्हें हारमोनियम बजाना सिखाया और अक्सर साइकिल पर बैठाकर गांव-गांव में होने वाले छोटे कार्यक्रमों में ले जाते थे. इसी दौरान पवन ने बहुत कम उम्र में मंच पर गाना शुरू किया और अपनी आवाज से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

पवन सिंह की शिक्षा

पवन सिंह की पढ़ाई में खास दिलचस्पी नहीं थी. उन्होंने साल 2004 में आरा के एक स्कूल से 10वीं तक की शिक्षा पूरी की. पढ़ाई भले ही सीमित रही लेकिन संगीत के अभ्यास में उन्होंने कभी ढिलाई नहीं बरती. यही लगन और मेहनत आगे चलकर उनकी असली पहचान बनी और उन्हें सफलता की राह पर ले गई.

पहला एल्बम और संघर्ष

साल 1997 में जब पवन सिंह सिर्फ 11 साल के थे तब उनका पहला म्यूजिक एल्बम ‘ओढ़निया वाली’ रिलीज हुआ था. यह एल्बम भले ही उन्हें तुरंत बड़ी सफलता नहीं दिला पाया लेकिन इसी ने उनके संगीत करियर की मजबूत शुरुआत की और आगे की यात्रा की नींव रख दी.

पवन सिंह की सफलता की कहानी

लगभग दस साल के लंबे संघर्ष के बाद साल 2008 में पवन सिंह का गाना ‘लॉलीपॉप लागेलू’ रिलीज हुआ, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी. यह गीत न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी जबरदस्त हिट हुआ और पवन सिंह को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. इसी गाने की सफलता ने उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री का ‘पावर स्टार’ बना दिया.

फिल्मों में एंट्री और स्टारडम

गायकी में नाम कमाने के बाद पवन सिंह ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. साल 2007 में उन्होंने फिल्म ‘रंगली चुनरिया तोहरे नाम’ से अपना फिल्मी सफर शुरू किया. इसके बाद ‘प्रतिज्ञा’, ‘सत्या’, ‘क्रैक फाइटर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें भोजपुरी सिनेमा का बड़ा सितारा बना दिया. आज तक वे 150 से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा दिखा चुके हैं.

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पवन सिंह की लोकप्रियता और करियर

पवन सिंह का निजी जीवन कई बार विवादों की वजह से सुर्खियों में रहा लेकिन इन सबका उनके करियर पर कोई खास असर नहीं पड़ा. उनके गाने आज भी रिलीज होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर ट्रेंड करने लगते हैं. दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है और वे भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे पसंदीदा सितारों में गिने जाते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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