Indore Viral Train Samosa Video Truth: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि मानसून के मौसम में समोसा खाने की तलब के चलते एक लोकोपायलट (ट्रेन ड्राइवर) ने बीच रास्ते में ही ट्रेन खड़ी कर दी. लेकिन अब इस पूरे सनसनीखेज मामले का असली और प्रामाणिक सच सामने आ चुका है, जिसने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को पूरी तरह से झूठा और भ्रामक साबित कर दिया है. रेलवे प्रशासन की तरफ से आई आधिकारिक सफाई और तकनीकी इनपुट के मुताबिक, ट्रेन को समोसा खरीदने के लिए जबरन नहीं रोका गया था, बल्कि गाड़ी पहले से ही एक जरूरी तकनीकी और ऑपरेशनल वजह से वहां खड़ी थी.
जानिए क्या था पूरा माजरा?
इस पूरे मामले की हकीकत को साफ करते हुए रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो में दिख रही मालगाड़ी (कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस) को लोको नंबर 27237 और 27600 खींच रहे थे. यह ट्रेन इंदौर के राऊ (RAU) यार्ड में पहले से निर्धारित इंजीनियरिंग ब्लॉक और तकनीकी काम के कारण राऊ होम सिग्नल पर रोकी गई थी.
रेलवे नियमों के मुताबिक, जब तक आगे का ट्रैक पूरी तरह से क्लियर नहीं हो जाता, तब तक किसी भी गाड़ी को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होती है. इसलिए, यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि ट्रेन के रुकने का कारण ड्राइवर का समोसा प्रेम नहीं, बल्कि रेलवे का आधिकारिक और पूर्व-निर्धारित इंजीनियरिंग वर्क था.
हॉल्ट के दौरान नीचे उतरा था लोकोपायलट(Indore Viral Video Truth)
सच्चाई यह है कि जब ट्रेन राऊ होम सिग्नल पर अपनी बारी का इंतजार करते हुए कानूनी रूप से खड़ी थी, ठीक उसी ऑपरेशनल हॉल्ट (आधिकारिक ठहराव) के दौरान गाड़ी के असिस्टेंट लोकोपायलट (ALP) ट्रेन से नीचे उतरे थे. चूंकि ट्रेन को वहां कुछ समय के लिए रुकना ही था, इसलिए उन्होंने इस खाली समय का उपयोग पास की दुकान से खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए कर लिया. ड्राइवर के इस बेहद निजी और सामान्य से कृत्य को वहां मौजूद कुछ शरारती तत्वों और स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर इसे इस तरह पेश किया जैसे ड्राइवर ने समोसा खरीदने के लिए ही पूरी ट्रेन को बीच रास्ते में ब्रेक लगा दिया हो.
जानबूझकर किया गया भ्रामक प्रचार
रेलवे की आंतरिक जांच और आधिकारिक बयान से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि इंटरनेट पर किया जा रहा यह दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत, गलत और भ्रामक है. जानबूझकर वीडियो (Indore Viral Train Samosa Video Truth) को गलत संदर्भ में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया ताकि सनसनी पैदा की जा सके.
इंदौर और महू के बीच चलने वाली इस ट्रेन के रुकने की असल वजह पूरी तरह से तकनीकी थी, न कि रिफ्रेशमेंट या समोसे की तलब. इस कड़क फैक्ट चेक के बाद अब यह साफ है कि मानसून की मस्ती में पायलट साहब ने रेलवे के नियमों को ताक पर नहीं रखा था, बल्कि वे पूरी तरह से ड्यूटी पर मुस्तैद थे और सिग्नल ग्रीन होने का इंतजार कर रहे थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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