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103 Amrit Bharat Stations: अमृत भारत योजना में शामिल पहले कई स्टेशनोंं में नहीं थी बुनियादी सुविधाएं, अब हो गए हैं आधुनिक

असम में चिन्हित 50 स्टेशनों में से 138 साल पुराना हैबरगांव पहला ABSS के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन है. लगभग 15.85 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्मित हैबरगांव का समावेश, इस क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है.

103 Amrit Bharat Stations: प्रधानमंत्री मोदी गुरूवार (22 मई) को देश के अलग-अलग राज्यों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 100 से अधिक  रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण कार्य का उद्घाटन किया. 103 अमृत भारत स्टेशनों के उद्घाटन के साथ, भारतीय रेलवे (आईआर) पूरे देश में रेल यात्रा में क्रांति लाने के लिए तैयार है. भारतीय रेलवे के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी पहल का लक्ष्य देश भर में 1,300 से अधिक स्टेशनों का आधुनिकीकरण करना है.

रेल मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, पुनर्विकसित स्टेशन 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में फैले हुए हैं और इनका निर्माण 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की संचयी लागत से किया गया है. इनमें कर्नाटक के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं – मुनिराबाद, बागलकोट, गडग, ​​गोकक रोड और धारवाड़ – जिनका अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत बड़े पैमाने पर अपग्रेड किया गया है.

इन स्टेशनों में अब उन्नत यात्री सुविधाएं, दिव्यांगजनों के लिए आसान पहुंच, आधुनिक बुनियादी ढांचा और बेहतर सौंदर्यबोध है. जिसमें स्थानीय सांस्कृति के साथ पुराने समय के डिज़ाइन का मिश्रण है. हालांकि, रेलवे का यह मिशन संरचनात्मक ढांचे को बेहतर बनाने से कहीं आगे का है.

इनमें से कुछ स्टेशन ऐसे थे जहां पहले बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं थी पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुए कायाकल्प के बाद उनकी तस्वीर बदल गई है.

असम में 138 साल पुराना हैबरगांव स्टेशन

असम में चिन्हित 50 स्टेशनों में से 138 साल पुराना हैबरगांव पहला ABSS के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन है. लगभग 15.85 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्मित हैबरगांव का समावेश, इस क्षेत्र में रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है. हैबरगांव स्टेशन का पुनर्विकास न केवल तकनीकी और वास्तुशिल्प उत्थान का प्रतीक है, बल्कि भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को तेजी से राष्ट्रीय विकास के दायरे में लाने की सरकार की मंशा का भी प्रतीक है.

शंकरपुर रेलवे स्टेशन

आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत देवघर जिले में मौजूद शंकरपुर रेलवे स्टेशन भी ऐसा ही एक स्टेशन है. ABSS के तहत 7.7 करोड़ की लागत से रिडेवलपमेंट के बाद यहां अब भवनों को आधुनिक सुविधायुक्त बनाया गया है. आर्किटेक्चरल डिजाइन को भी नया रूप दिया गया है. आधुनिक सुविधाओं में स्वच्छ पेयजल, दिव्यांगजनों के लिए रैम्प, यात्रियों के लिए बैठने के लिए समुचित व्यवस्था और टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं दी गई है.

देशनोक रेलवे स्टेशन

करणी माता मंदिर के पास स्थित देशनोक रेलवे स्टेशन का 14.18 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है. स्टेशन की इमारत को आधुनिक भारतीय वास्तुकला से मेल खाते हुए पूरी तरह से पुनर्विकसित किया गया है, साथ ही संस्कृति को भी संरक्षित किया गया है. अब स्टेशन भवन में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त जगह है. पहले स्टेशन पर प्रतिदिन केवल एक या दो ट्रेनें ही रुकती थीं.

पीरपैंती रेलवे स्टेशन

भागलपुर जिले में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पीरपैंती रेलवे स्टेशन का भव्य कायाकल्प किया गया. इसमें स्टेशन के सौंदर्यीकरण के साथ यात्री सुविधाओं का विस्तार भी शामिल है. डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि एनएसजी-5 श्रेणी में वर्गीकृत पीरपैंती स्टेशन, पूर्व रेलवे क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र है. अमृत भारत स्टेशन योजना के पहले चरण के तहत पीरपैंती स्टेशन के लिए 18.93 करोड़ की लागत से पुनर्विकास कार्य हुआ.

योजना के तहत सिविल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नलिंग और दूरसंचार, साइनेज, लिफ्टों की स्थापना और रूफ प्लाजा के साथ 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण शामिल है. इसके अतिरिक्त, स्टेशन की कार्यक्षमता और दृश्य सौंदर्य को बढ़ाने के लिए अलग-अलग आगमन और प्रस्थान ब्लॉक, पैदल यात्री मार्ग, आकर्षक मूर्तियां, आंतरिक सज्जा और सौंदर्यपूर्ण प्रकाश व्यवस्था के साथ एक आधुनिक प्रांगण को भी शामिल किया गया है.

अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?

अमृत ​​भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की एक दीर्घकालिक परियोजना है जिसका उद्देश्य देश भर में 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों को बदलना है. यह चरणबद्ध पुनर्विकास मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें प्रत्येक स्टेशन की खास आवश्यकताओं के अनुसार अपग्रेड किया जाता है.

यह योजना आधुनिक सुविधाओं, टिकाऊ डिजाइन, क्षेत्रीय वास्तुशिल्प विशेषताओं और यात्री-केंद्रित सेवाओं को एकीकृत करने पर केंद्रित है, इन स्टेशनों को न केवल ट्रांजिट प्वाइंट बल्कि शहरों के प्रवेश द्वार भी बनाना.

आधुनिक सुविधाएं

इस योजना का लक्ष्य भारत भर के स्टेशनों को अधिक स्वच्छ, अधिक आरामदायक और उपयोग में आसान बनाना है. इसमें प्रवेश और निकास बिंदु, वेटिंग रूम, शौचालय, प्लेटफ़ॉर्म और छत में सुधार करना शामिल होगा. इसके अलावा, जहां भी ज़रूरत होगी, वहां लिफ्ट, एस्केलेटर और मुफ़्त वाई-फ़ाई जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी.

गुजरात का गांधीनगर भारत के उन स्टेशनों में से एक था, जिनका 2021 में ABSS के तहत कायाकल्प किया गया. स्टेशन पर अब आधुनिक सुविधाएं और एक पांच सितारा होटल है.


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-भारत एक्सप्रेस



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