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Kanjhawala Case: कंझावला कांड में 5 नहीं 7 आरोपी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, नए CCTV में कार छोड़ ऑटो में भागते दिखे आरोपी

Delhi Car Accident: दिल्ली के कंझावला कार हादसे में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने गुरुवार को बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि मामले में 5 नहीं, बल्कि 7 आरोपी हैं. पुलिस के मुताबिक, दो और आरोपियों की तलाश की जा रही है. दीपक ने पूछताछ में बताया था कि वह कार चला रहा था. लेकिन जांच में पता चला है कि कार दीपक नहीं अमित चला रहा था. पुलिस ने बताया कि इस मामले में कुल 18 टीमें काम कर रही हैं. साथ ही सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है.

वहीं इस मामले में रोजाना नए-नए अपडेट आ रहे हैं. कई नए सीसीटीवी (CCTV) भी सामने आ रहे हैं. अभी नए सीसीटीवी में खुलासा हुआ है कि अंजली को कार से घसीटने वाले आरोपी अपनी कार छोड़ ऑटो से भाग निकले थे. इससे पहले मृतका की दोस्त का CCTV फुटेज सामने आया था. जिसमें वो तेजी से अपने घर की ओर भागती हुई दिखाई दे रही है.

मां ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 जोड़ने की मांग की

दिल्ली के कंझावला केस में 20 वर्षीय लड़की अंजलि का परिवार पांच आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 जोड़ने और उसकी दोस्त निधि पर धारा 304 के तहत मामला दर्ज करने की मांग कर रहा है. अंजलि की मां रेखा ने अपने रिश्तेदार के साथ सुल्तानपुरी थाने के थानाध्यक्ष (एसएचओ) से भी मुलाकात की और धाराएं जोड़ने की मांग की. रेखा ने कहा, उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला है और उन्होंने जो किया है उसके लिए उन्हें दंडित किया जाना चाहिए और एफआईआर (FIR) में हत्या की धारा जोड़ी जानी चाहिए.

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‘अंजली को बदनाम करने की कोशिश’!

अंजलि के परिवार के एक सदस्य भूपिंदर चौरसिया ने कहा, निधि सब कुछ जानती थी और घटना के समय उसके साथ थी. उसने परिवार और पुलिस को सूचित नहीं किया, ऐसे में वह इस अपराध का हिस्सा बनती दिखाई दे रही है. उसने अपने दोस्त को बदनाम करने की कोशिश की. वहीं, पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत निधि का बयान दर्ज कर लिया है जो इस घटना की मुख्य गवाह है.

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने घटना के समय कार में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. उनकी पहचान दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिट्ठू और मनोज मित्तल के रूप में हुई है. अमित (25) उत्तम नगर में एसबीआई कार्ड बनाने का काम करता है. कृष्ण (27) स्पेनिश कल्चर सेंटर में काम करता है। मिथुन (26) हेयरड्रेसर है, जबकि मनोज मित्तल (27) सुल्तानपुरी में राशन डीलर है, जो बीजेपी का कार्यकर्ता भी है.

भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) और 279 (तेजी से गाड़ी चलाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. बाद में, पीड़ित परिवार के सदस्यों के विरोध के बाद, पुलिस ने सुल्तानपुरी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) भी जोड़ी.

– भारत एक्सप्रेस

 

Rahul Singh

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