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पीएम मोदी का बड़ा मास्टरस्ट्रोक! वैश्विक महंगाई के बीच GST घटाकर आम जनता को दी 10% की सीधी बचत

PM Modi GST Relief: मोदी सरकार ने GST में 10% की कटौती कर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉपर, स्टील और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से कंपनियों को अप्लायंसेज के दाम में मामूली बढ़ोतरी करनी पड़ रही है.

बचत उत्सव - पीएम मोदी की उपभोक्ता राहत योजना Caption: पीएम मोदी द्वारा GST दरों में 10% की कटौती से ग्राहकों को मिली बड़ी राहत.

PM Modi GST Relief: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ‘GST बचत उत्सव’ के जरिए मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी थी. एसी (AC) और बड़े टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों पर लगने वाले GST को 28% के उच्चतम स्लैब से घटाकर सीधे 18% कर दिया गया था, जिससे त्योहारों के सीजन में आम जनता को हजारों रुपये की सीधी बचत हुई. सरकार की इस उपभोक्ता-हितैषी नीति ने इलेक्ट्रॉनिक बाज़ार को बड़ी मजबूती दी और आम आदमी के लिए प्रीमियम गैजेट्स खरीदना आसान बना दिया.

हालांकि, 1 अक्टूबर 2026 से ब्लू स्टार, गोदरेज, हायर और डायकिन जैसी प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने अप्लायंसेज की कीमतों में 4 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी का संकेत दिया है. पत्रकारों और विश्लेषकों का मानना है कि यह मूल्य वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तांबा (Copper), स्टील, एल्युमिनियम, समुद्री मालभाड़े (Freight) और मुद्रा में उतार-चढ़ाव जैसे वैश्विक कारणों से हो रही है. मोदी सरकार द्वारा दी गई टैक्स कटौती ने इनपुट कॉस्ट के इस वैश्विक बोझ को काफी हद तक कम करने का काम किया है, वरना वैश्विक महंगाई के दौर में ये कीमतें उपभोक्ताओं के लिए और भी ज्यादा भारी पड़ सकती थीं.

मोदी सरकार की GST राहत: मध्यम वर्ग को मिला बड़ा तोहफा

केंद्र की मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग के जीवन को आसान बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत की थी. इसके तहत टीवी, फ्रिज और एसी जैसे रोजमर्रा के अप्लायंसेज पर टैक्स की दरें 28% से घटाकर 18% कर दी गईं. सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का उद्देश्य त्योहारी सीजन में ग्राहकों पर से वित्तीय बोझ कम करना और मेक इन इंडिया के तहत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देना था.

वैश्विक चुनौतियों के बीच इनपुट कॉस्ट का असर

पत्रकार मृगेंद्र प्रताप सिंह और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अप्लायंसेज में होने वाली 4-10% की वृद्धि पूरी तरह से वैश्विक सप्लाई चेन और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का नतीजा है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तांबा, स्टील, एल्युमिनियम के रेट बढ़ने और शिपिंग फ्रेट महंगा होने के कारण ब्लू स्टार, गोदरेज, हायर और डायकिन जैसे ब्रांड्स को उत्पादन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है.

टैक्स में कटौती ने उपभोक्ताओं को बड़े झटके से बचाया

यदि मोदी सरकार ने समय रहते GST में 10% की बड़ी कटौती न की होती, तो कच्चे माल की वैश्विक महंगाई का असर भारतीय ग्राहकों पर कहीं अधिक पड़ता. दिवाली से ठीक पहले हो रही इस बढ़ोतरी के बीच भी GST राहत के कारण आम परिवारों को राहत की सांस मिली है. हालांकि व्यक्तिगत स्तर पर खरीदारी में थोड़े विलंब जैसी स्थितियां बन रही हैं, लेकिन सरकार के निरंतर आर्थिक सुधारों से बाजार में स्थिरता आने की पूरी उम्मीद है.

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-भारत एक्सप्रेस



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