सिंबॉलिक इमेज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
भारत ने पिछले दशक में एक शांत क्रांति का गवाह बनते हुए गरीबी को 29.5 प्रतिशत से घटाकर 9.4 प्रतिशत तक ला दिया है. यह उपलब्धि विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हासिल की गई है.
2 जून 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवर्तन मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की नीतियों और योजनाओं का परिणाम है. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका कार्यक्रमों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), जल जीवन मिशन, और स्वच्छ भारत मिशन जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण भारत में जीवन स्तर को सुधारने में मदद की है. इसके अलावा, मनरेगा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि की है. रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 से 2023-24 के बीच लगभग 20 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर उठे हैं.
इस क्रांति ने न केवल गरीबी को कम किया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है. कृषि और गैर-कृषि क्षेत्रों में वेतन वृद्धि, बेहतर सड़क नेटवर्क, और बिजली आपूर्ति ने ग्रामीण निवासियों के जीवन को बदल दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत को एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में और निवेश की आवश्यकता है, लेकिन मौजूदा प्रगति सकारात्मक दिशा में है.
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