AAP Sarpanch Viral Video: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है और मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं. लेकिन इन दावों की हकीकत तब सवालों के घेरे में आ गई, जब ‘सिस्टम’ का हिस्सा होने के बावजूद AAP के ही एक सरपंच को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ी. अमृतसर जिले के गांव मूदल के सरपंच का यह दर्दनाक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एक साल से मानसिक प्रताड़ना (Amritsar Mudal village AAP Sarpanch)
लगभग 4 मिनट 10 सेकंड के इस वायरल वीडियो में सरपंच ने गांव के ही एक व्यक्ति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. सरपंच ने बिना नाम लिए बताया कि वह शख्स पिछले करीब एक साल से उन्हें लगातार परेशान कर रहा है. वह बार-बार गाली-गलौज करता है, धमकियां देता है और मानसिक रूप से दबाव बनाने की कोशिश करता है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि सरपंच ने इस संबंध में स्थानीय विधायक सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
‘मुझसे गलत काम करवाना चाहता है…’ (SC AAP Sarpanch Threatened)
वीडियो में सरपंच ने स्पष्ट किया कि उक्त व्यक्ति उन पर दबाव बनाकर अपने अनुसार गलत काम करवाना चाहता है. लेकिन सरपंच ने साफ इंकार करते हुए कहा कि, “गांव की जनता ने मुझे चुनकर सरपंच बनाया है और मैं किसी भी गलत दबाव में आकर अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटूंगा.”
दलित होने के कारण भेदभाव (AAP Sarpanch Threatened In Punjab)
सरपंच ने वीडियो में बेहद भावुक होते हुए बताया कि वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें अब अपनी जान का डर सताने लगा है. उन्होंने जातिगत भेदभाव का भी आरोप लगाते हुए कहा कि मैं अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित हूं, इसलिए मेरे साथ इस प्रकार का भेदभाव किया जा रहा है. मुझे जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है. सरपंच ने आशंका जताई है कि उनके साथ कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है.
भाईचारे से लगाई गुहार (AAP Punjab politics)
अपनी ही सरकार के सिस्टम से हार चुके इस सरपंच ने अंत में अपने समुदाय और भाईचारे से अपील की है कि उन्हें न्याय दिलाने में समर्थन दिया जाए. उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि उनकी शिकायत पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए. बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं होती, तो आम आदमी की क्या बिसात, एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का मानसिक तनाव भी साफ नजर आता है. अब देखना यह है कि भगवंत मान सरकार अपने ही इस सरपंच की पुकार सुनती है या नहीं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





