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राज्यसभा में केजरीवाल का गेम ओवर!… राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों को BJP सदस्य के तौर पर मिली मान्यता; अब क्या करेंगे संजय सिंह?

Rajya Sabha Secretariat ने Raghav Chadha समेत 7 सांसदों को आधिकारिक तौर पर BJP का हिस्सा मान लिया. इस फैसले से Aam Aadmi Party राज्यसभा में महज 3 सांसदों तक सिमट गई है…

AAP Split Raghav Chadha BJP: आम आदमी पार्टी (AAP) के भविष्य और अस्तित्व की लड़ाई को आज उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा सचिवालय ने राघव चड्ढा समेत सातों बागी सांसदों को आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हिस्सा मान लिया.

सोमवार को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अब ये सांसद सदन में भाजपा की बेंच पर बैठेंगे. इस फैसले के साथ ही राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़कर 113 हो गई है, जबकि ‘आप’ महज 3 सांसदों के साथ एक छोटे से गुट में सिमट कर रह गई है.

संजय सिंह की ‘अयोग्य’ वाली दलील फेल

इससे पहले रविवार को ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर इन सातों सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी. संजय सिंह ने इसे ‘संविधान और पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात’ करार दिया था.

हालांकि, राज्यसभा सचिवालय ने राघव चड्ढा की उस दलील को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने ‘दो-तिहाई बहुमत’ के साथ विलय (Merger) की बात कही थी. संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, यदि किसी दल के दो-तिहाई सदस्य दूसरे दल में मिलते हैं, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता.

केजरीवाल के पास बचे सिर्फ 3 योद्धा

इस नोटिफिकेशन के बाद उच्च सदन (Upper House) में आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर हो गई है. कल तक 10 सांसदों के साथ सदन में बड़ी ताकत रखने वाली ‘आप’ के पास अब केवल संजय सिंह, एन.डी. गुप्ता और राघव चड्ढा की जगह आए नए चेहरों जैसी सीमित संख्या रह गई है. 7 सांसदों का एक साथ जाना केजरीवाल के लिए न केवल संख्याबल का नुकसान है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पार्टी की साख पर भी बड़ा सवालिया निशान है.

‘AAP’ के थिंक-टैंक ने ही बदला पाला

भाजपा का हिस्सा बने इन सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें केजरीवाल का ‘दिमाग’ माना जाता था. इनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता ने भी ‘नैतिक मूल्यों’ का हवाला देते हुए पाला बदला है. इनमें से 6 सांसद पंजाब से हैं, जो यह संकेत देता है कि पंजाब में भी भगवंत मान सरकार के लिए आने वाले दिन चुनौतियों भरे हो सकते हैं.

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अब कानूनी लड़ाई की तैयारी में ‘AAP’

राज्यसभा सचिवालय के इस फैसले से ‘आप’ खेमे में भारी नाराजगी है. संजय सिंह ने पहले ही संकेत दिए थे कि अगर उनकी मांग खारिज होती है, तो पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी. हालांकि, जानकारों का कहना है कि सचिवालय द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब बागी सांसदों को अयोग्य ठहराना कानूनी रूप से काफी पेचीदा होगा. भाजपा के लिए यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि अब उसे सदन में बिल पास कराने के लिए छोटे दलों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी.

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-भारत एक्सप्रेस

 



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