JNU Controversy: जेएनयू परिसर में हाल ही में हुई देशविरोधी, हिंसा को उकसाने वाली तथा भारतीय संवैधानिक पदों के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक नारेबाजी के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जेएनयू इकाई द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं एवं सामान्य विद्यार्थियों ने देशविरोधी नारे लगाने वाले और भारतीय संवैधानिक पदों का अपमान करने वाले तत्वों के विरोधस्वरूप उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया.
प्रदर्शन के माध्यम से उन अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया गया, जो बार-बार विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बिगाड़ने और भय व अराजकता फैलाने का प्रयास करते हैं.
ABVP ने क्या कहा?
अभाविप (ABVP) जेएनयू ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं दिल्ली पुलिस से मांग की कि पूरे प्रकरण में बिना किसी देरी के त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जाए. परिषद का कहना है कि देशविरोधी मानसिकता, खुलेआम आपराधिक नारेबाजी और संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध उकसावे को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऐसे कृत्य न केवल विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की एकता के भी विरुद्ध हैं.
अभाविप जेएनयू के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि आम छात्रों पर तुरंत प्रतिबंध और भारी जुर्माने लगाने वाला प्रशासन, वामपंथी गुटों की हिंसा और देशविरोधी नारेबाजी पर चुप्पी साध लेता है. यह दोहरा चरित्र अब स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि अभाविप त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करती है, ताकि जेएनयू में अराजकता और देशविरोधी मानसिकता को दोबारा पनपने से रोका जा सके.
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“जेएनयू को देशविरोधियों का मंच नहीं बनने दिया जाएगा”
अभाविप जेएनयू के इकाई मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को बिना विलंब दोषी तत्वों के विरुद्ध ठोस कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जेएनयू को किसी भी सूरत में हिंसा, अराजकता और देशविरोधी विचारधाराओं का मंच नहीं बनने दिया जाएगा. अभाविप छात्रहित, राष्ट्रहित और संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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