आज रवाना होंगे दो डेलिगेशन
आतंकवाद को दशकों से पाल रहे पाकिस्तान की सच्चाई अब पूरी दुनिया जानेगी. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद, अब इसकी सफलता और पाकिस्तान की काली करतूतों को पूरे विश्व के सामने लाने की तैयारी कर ली है. केंद्र की मोदी सरकार 32 अलग-अलग देशों में सभी पार्टियों से 51 नेताओं और 85 राजदूतों को भेजेगी. ये प्रतिनिधिमंडल (All Party Delegation) बताएगा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकवाद पर प्रहार कर उनके शिविरों और लॉन्च पैड को किस तरह से ध्वस्त कर दिया.
जिन सात डेलिगेशन (All Party Delegation) में सांसदों को शामिल किया गया है, उनमें से दो प्रतिनिधिमंडल आज (21 मई) विदेश रवाना होंगे.पहला प्रतिनिधिमंडल जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व में जापान रवाना होगा. ये डेलिगेशन जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया, साउथ कोरिया, और सिंगापुर का दौरा करेगा.
दूसरा All Party Delegation
दूसरे डेलिगेशन का नेतृत्व शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे. उनके साथ बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज, सस्मिता पात्रा, मनन कुमार मिश्रा, अतुल गर्ग, एसएस अहलूवालिया और IUML सांसद ईटी मोहम्मद बशीर भी होंगे. यह टीम पहले यूएई जाएगी, फिर कांगो, सिएरा लियोन और अंत में लाइबेरिया का दौरा करेगी.
तीसरे डेलिगेशन की अगुआई करेंगी कनिमोझी
तीसरा डेलिगेशन 22 मई को रूस रवाना होगा. इसके बाद यह स्लोवेनिया, ग्रीस, लात्विया और अंत में स्पेन पहुंचेगा. इस डेलिगेशन की अगुवाई डीएमके सांसद कनिमोझी करेंगी.
शशि थरूर के नेतृत्व में चौथा All Party Delegation
कांग्रेस नेता शशि थरूर की अगुवाई में चौथा डेलिगेशन (All Party Delegation) अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेगा.
कांग्रेस का कहना है कि उनके द्वारा सुझाए गए नामों को बदला गया और भाजपा ने अपने अनुसार लोगों को डेलिगेशन (All Party Delegation) में शामिल किया. कांग्रेस का मानना है कि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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