केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज ओडिशा में सुरक्षा, शिक्षा और सहकारिता से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ कर रहे हैं. मुंडली से लेकर पारादीप और भुवनेश्वर तक, शाह का यह दौरा राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
CISF के 57वें स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि
अमित शाह के दौरे की शुरुआत मुंडली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह से होगी. मुख्य अतिथि के रूप में शाह ने बल की टुकड़ियों की सलामी ली और देश की औद्योगिक संपदा की सुरक्षा में उनके योगदान पर बात करेंगे. इस दौरान उन्होंने पुलिस अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई नए पुलिस स्टेशन भवनों और कमांड केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे.
NFSU की आधारशिला
गृह मंत्री ने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के स्थायी परिसर की आधारशिला रखेंगे. ओडिशा सरकार द्वारा आवंटित भूमि पर बनने वाला यह परिसर फॉरेंसिक और संबद्ध विज्ञान का ‘उत्कृष्टता केंद्र’ बनेगा. इसके साथ ही अमित शाह ने एनएफएसयू के ट्रांजिट (अस्थायी) परिसर का भी उद्घाटन करेंगे. यहां डिजिटल फॉरेंसिक्स और साइबर कानून जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी.
CFSL का भूमि पूजन
इसी के साथ उन्होंने केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) का भी भूमि पूजन करेंगे. दोपहर में अमित शाह ने पारादीप पहुंचकर इफको के सल्फ्यूरिक एसिड संयंत्र (SAP-3) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह संयंत्र उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक उपयोग के लिए मील का पत्थर साबित होगा. भुवनेश्वर के आईडीसीओ प्रदर्शनी मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शाह ने सहकारिता क्षेत्र के लिए ‘कुबेर का खजाना’ खुल जाएगा.
राज्य सहकारिता नीति का विमोचन
- 567 कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) का समर्पण
- ‘कूप मार्क’ और एआई-सक्षम ‘साविद्या’ लर्निंग प्लेटफॉर्म के साथ-साथ ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर पोर्टल का शुभारंभ
- ‘मुख्यमंत्री कामधेनु योजना’ के लाभार्थियों को अनुदान जारी किया
- ओएमफेड (OMFED) को मजबूत करने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर
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अमित शाह का यह दौरा ओडिशा को फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक सहकारिता के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की एक ठोस कोशिश है। 3200 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजनाएं न केवल रोजगार पैदा करेंगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगी.
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