निष्कासन के बाद अनंत सिंह का बड़ा बयान
Bihar News: बिहार में विधान परिषद चुनाव के बीच जनता दल यूनाइटेड द्वारा छह साल के लिए पार्टी से बाहर किए गए विधायक अनंत सिंह ने अब खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी से अलग होने के बाद उन्होंने साफ संकेत दिए कि भविष्य में वह अपना अलग राजनीतिक संगठन खड़ा कर सकते हैं. अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की बिल्कुल चिंता नहीं है कि आगे क्या होगा, क्योंकि जरूरत पड़ने पर वह अपनी खुद की पार्टी बना सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी टिकट मांगने के लिए किसी पार्टी के दरवाजे पर नहीं गए. उनके अनुसार, पार्टी टिकट देती है, लेकिन राजनीति में उनकी अपनी पहचान है.
JDU के भविष्य पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने JDU को लेकर भी बेहद तीखी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी का राजनीतिक भविष्य कमजोर पड़ चुका है. उनके मुताबिक, आने वाले चुनावों में JDU को दो अंकों की सीटें हासिल करना भी मुश्किल होगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नाराजगी पार्टी संगठन से हो सकती है, लेकिन नीतीश कुमार के प्रति उनके मन में सम्मान बना हुआ है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की तबीयत ठीक नहीं रहती और वह कभी उनके खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं बोलेंगे.
जनता को बताया सबसे बड़ा फैसला करने वाला
पार्टी से निकाले जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई का कोई अफसोस नहीं है. उनके अनुसार राजनीति में अंतिम फैसला जनता करती है और जनता ही सबसे बड़ी ताकत होती है. उन्होंने कहा कि लोगों ने जो भी फैसला लिया है, उसे वह स्वीकार करते हैं. साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि पार्टी में आज ऐसे कौन लोग हैं जिन्होंने संगठन को मजबूती देने में वास्तविक योगदान दिया है.
पार्टी पर कब्जे का लगाया आरोप
अपने बयान में अनंत सिंह ने यह भी संकेत दिया कि JDU के अंदर अब पुराने हालात नहीं रहे. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्हें बाहर करने का फैसला किस स्तर पर लिया गया, लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने पार्टी पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है. उन्होंने दावा किया कि अब उनका फोकस अपनी राजनीतिक ताकत को और मजबूत करने पर रहेगा. साथ ही उन्होंने दोहराया कि JDU का भविष्य उन्हें ज्यादा उज्ज्वल नहीं दिखाई देता और आने वाले चुनावी नतीजे इसकी तस्वीर साफ कर देंगे.
नीतीश कुमार से रिश्ते पर क्या बोले?
हाल के घटनाक्रम के बावजूद अनंत सिंह ने यह साफ किया कि उनके और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच कोई व्यक्तिगत दूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि वह हमेशा नीतीश कुमार के साथ खड़े रहे हैं और भविष्य में भी उनके खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे. जब उनसे मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर कहने के लिए उनके पास कुछ खास नहीं है. उन्होंने दोहराया कि राजनीति में असली ताकत जनता के हाथ में होती है.
MLC चुनाव बना विवाद की वजह
पूरे विवाद की शुरुआत विधान परिषद चुनाव के दौरान हुई. अनंत सिंह ने JDU के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार का समर्थन करने के बजाय जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के पक्ष में खुलकर प्रचार किया था. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी उम्मीदवार का विरोध भी किया और कई वरिष्ठ नेताओं को लेकर सार्वजनिक बयान दिए थे. इससे JDU नेतृत्व नाराज हो गया था.
वोटिंग के बाद JDU ने लिया बड़ा फैसला
विधान परिषद चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. इसके साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई. JDU का मानना है कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर दूसरे उम्मीदवार का समर्थन करना संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन था. इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई.
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
अनंत सिंह के ताजा बयान ने बिहार की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है. एक तरफ उन्होंने JDU के भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर नई पार्टी बनाने की संभावना जताकर नए सियासी समीकरणों की चर्चा भी शुरू कर दी है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में वह कोई नया राजनीतिक कदम उठाते हैं या फिर बिहार की राजनीति में कोई नया मोर्चा खोलते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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