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2 जुलाई की रात क्या हुआ था? CCTV ने खोली बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी की पोल, हिरासत में आरोपी

Badrinath Donation Controversy: बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बीच पहली गिरफ्तारी हुई है. आरोपी से पूछताछ की जा रही है.

Badrinath Donation Controversy: बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है. जांच के आधार पर आरोपी प्रमोद नौटियाल को उनके घर से हिरासत में लिया गया. फिलहाल उन्हें बद्रीनाथ थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस का क्या कहना है?

चमोली के एसएसपी सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि रविवार देर रात नौटियाल को गिरफ्तार किया गया और उन्हें बद्रीनाथ लाया गया. यहां उनसे लगातार पूछताछ हो रही है ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके.

पद और जिम्मेदारी

प्रमोद नौटियाल समिति अध्यक्ष के निजी सहायक के पद पर तैनात थे. इसके बावजूद उन्हें मंदिर में प्रोटोकॉल और दान की गिनती की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी दौरान उन पर आरोप लगा कि उन्होंने दान की गिनती में हेराफेरी की.

आरोप का सीसीटीवी फुटेज

2 जुलाई को भैरव सेना ने आरोप लगाया कि नौटियाल ने दान की गिनती के दौरान चोरी की है. यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर समिति ने जांच टीम बनाई.

जांच टीम की कार्रवाई

4 सदस्यीय टीम ने 7 जुलाई को बद्रीनाथ पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की जांच की. प्रारंभिक जांच में नौटियाल दोषी पाए गए. इसके बाद मंदिर समिति के सीईओ ने उन्हें निलंबित कर दिया.

एफआईआर के बाद आरोपी लापता

निलंबन के बाद रात करीब साढ़े बारह बजे मंदिर अधिकारी युद्धवीर पासवान ने बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद नौटियाल 8 जुलाई से लापता हो गए और उन्होंने अपना फोन भी बंद कर दिया. इसी बीच उन्होंने हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अर्जी भी दी.

विभागीय रिपोर्ट

जांच टीम ने 11 जुलाई को सीईओ कार्यालय में 18 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी. इसमें नौटियाल को 2 जुलाई को कई बार पैसों में हेराफेरी करते हुए पाया गया. साथ ही 29 जून को भी उन्हें पैसों जैसी वस्तु ले जाते हुए देखा गया.

सरकारी जांच

सरकार ने भी कमिश्नर की अध्यक्षता में अलग टीम गठित की है जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है.

पदोन्नति और मेहरबानी

नौटियाल वर्ष 2014 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के रूप में स्थायी नियुक्त हुए थे. इसके बाद 2018 में उन्हें समिति अध्यक्ष का निजी सहायक बना दिया गया. हाल ही में उन्हें प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना की जिम्मेदारी भी दी गई थी.

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आरोपी का क्या कहना है?

गिरफ्तारी के बाद जब नौटियाल पत्रकारों के सामने से गुजरे तो उनसे आरोपों पर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि वे निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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