Pahalgam Terror Attack: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव चरम पर है. इस बीच चर्चित शिक्षाविद् और विचारक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वे भारत-पाक संबंधों और पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं.
वीडियो में दिव्यकीर्ति कहते हैं, “इस समय पेट से है पाकिस्तान, उसे कभी भी हो सकता है बलूचिस्तान.” उनका इशारा पाकिस्तान में चल रहे आंतरिक संघर्षों की ओर था, खासकर बलूचिस्तान, सिंध और खैबर-पख्तूनख्वा जैसे इलाकों में चल रहे अलगाववादी आंदोलनों पर. उन्होंने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि एक नहीं, दो-तीन ‘बच्चे’ एक साथ पैदा हो सकते हैं. यानी- पाकिस्तान कई टुकड़ों में बंट सकता है.
कश्मीर में आतंक का मकसद ध्यान भटकाना
डॉ. दिव्यकीर्ति का मानना है कि पाकिस्तान की सेना लोगों का ध्यान आंतरिक समस्याओं से हटाने के लिए कश्मीर में आतंक फैलाती है. उन्होंने कहा कि महंगाई, अस्थिरता और गृहयुद्ध जैसे हालात से घिरे पाकिस्तान की जनता त्रस्त है. आतंकवादी गतिविधियों के पीछे उसकी यही साजिश हो सकती है.
पाकिस्तान पेट से है ,और कभी भी बलूचिस्तान पैदा हो सकता है ~ विकास दिव्यकीर्ति
थाली कभी भी बज सकती है…😂#Pakistan_Behind_Pahalgam pic.twitter.com/41o08oihik
— Lokendra Singh (@LSekhavata) April 27, 2025
‘कश्मीर के मुस्लिमों पर नहीं मढ़ा जाए इल्जाम’
डॉ. दिव्यकीर्ति ने इस बात को भी सिरे से खारिज किया कि कश्मीर के स्थानीय मुस्लिम इस हमले में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, “कोई भी अपने पैरों पर कुल्हाड़ी नहीं मारता.” उनका कहना था कि कश्मीर में पर्यटक आते हैं तो स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी चलती है. उन्होंने बताया कि पहले जहां 20-22 लाख पर्यटक आते थे, अब यह संख्या 2-2.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है. आतंक का असर सीधा पर्यटन और आमदनी पर पड़ता है.
पाक में बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की पुरानी मांग
बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, वहां लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहे हैं. स्वतंत्रता की मांग वहां नई नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात में ये आंदोलन और तेज हो सकते हैं.
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- भारत एक्सप्रेस
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