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क्या था बांदा का वो मिर्ची कांड? जिसने 13 साल तक उड़ाई पुलिस की नींद, अब जाकर हुआ एनकाउंटर

बांदा पुलिस ने 13 साल से फरार चल रहे मोस्ट वांटेड अपराधी संदीप को दबोच लिया है. पेशी के दौरान पुलिस की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर राइफल लूटने वाले इस शातिर अपराधी ने एक दशक से कानून को चुनौती दी थी.

रिपोर्ट- अभिषेक


फिल्मी कहानियों में आपने बदमाशों को पुलिस की आंखों में धूल झोंककर भागते देखा होगा, लेकिन बांदा की इस हकीकत ने पिछले 13 सालों से पुलिस की नींद उड़ा रखी थी. आखिरकार, बांदा पुलिस की एसओजी (SOG) और मटौंध थाना पुलिस की टीम ने उस मोस्ट वांटेड अपराधी को दबोच लिया है, जिसने एक दशक से ज्यादा समय से कानून को खुली चुनौती दे रखी थी. मुठभेड़ के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी है और अब वह सलाखों के पीछे है.

क्या थी 13 साल पुरानी वारदात?

मामला साल 2012 का है. अपराधी संदीप (पुत्र शिव अवतार), जो चित्रकूट के कर्वी का रहने वाला है, उसे पेशी के बाद वापस बांदा जेल लाया जा रहा था. तभी उसने और उसके साथियों ने जो किया, उसने पूरे महकमे को हिला दिया. इन शातिर अपराधियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया और मौके का फायदा उठाकर उनकी राइफल लूटकर रफूचक्कर हो गए. उस वक्त कुल 13 कैदी एक साथ फरार हुए थे. साल 2015 तक पुलिस ने 12 को तो ढूंढ निकाला, लेकिन संदीप पुलिस की पकड़ से बाहर रहा. उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

ऐसे दबोचा गया बदमाश

13 साल से फरार चल रहे इस इनामी बदमाश को पकड़ने के लिए एसपी पलाश बंसल के निर्देश पर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था. पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीमें लगातार जाल बिछा रही थीं. शनिवार को पुलिस को सटीक खबर मिली कि भूरागढ़ बाईपास के पास सोना खदान के पास एक संदिग्ध शख्स हथियार के साथ मौजूद है और शराब पी रहा है.

जैसे ही एसओजी और मटौंध पुलिस की टीम ने घेराबंदी शुरू की, संदीप ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग झोंक दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी गोलीबारी की, जिसमें एक गोली संदीप के पैर में जा लगी और वह वहीं ढेर हो गया.

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बदमाश के पास से एक अवैध तमंचा (315 बोर), दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किया हैं. गोली लगने के कारण घायल अपराधी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है.

अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि यह पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है. जिस अपराधी ने पुलिस की आंखों में मिर्ची डालकर कानून का मजाक उड़ाया था, आज उसी कानून ने उसे अपनी सही जगह पहुंचा दिया है. 13 साल का लंबा इंतजार अब खत्म हुआ और इलाके के लोगों ने भी इस गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है.

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-भारत एक्सप्रेस



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